📅 Published on: April 22, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर।जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बुढनईया गांव में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भू-माफियाओं और दस्तावेजों के जानकारों ने मिलीभगत कर 3 बीघा की रजिस्ट्री के बहाने पूरी 9 बीघा पुश्तैनी जमीन हथियाने का जाल बुना था। मामला अब पुलिस और राजस्व विभाग की चौखट पर है।
मुख्य घटनाक्रम: ‘नेटवर्क फेल’ होने से बची 6 बीघा जमीन**
पीड़ित शम्भूनाथ के अनुसार, बुढनईया मेन रोड स्थित 9 बीघा जमीन का सौदा मोहम्मद मुस्लिम नामक व्यक्ति से **5.50 करोड़ रुपये** में तय हुआ था। तय समझौते के तहत 12 अप्रैल 2026 को प्रथम चरण में केवल **3 बीघा** जमीन की रजिस्ट्री होनी थी।
आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय में वकील और दस्तावेज लेखकों की मिलीभगत से धोखे में रखकर 3 की जगह पूरे 9 बीघा जमीन के कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए गए। संयोगवश, दूसरी बार फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) लगाते समय नेटवर्क में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण शेष 6 बीघा जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और एक बड़ा घोटाला होने से रुक गया।
**चेक बाउंस और नकद भुगतान का झांसा**
धोखाधड़ी केवल कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक लेनदेन में भी भारी अनियमितता सामने आई है:
दस्तावेजों में हेराफेरी: 1.50 करोड़ की डील के बावजूद रजिस्ट्री पेपर पर मात्र 40 लाख रुपये दर्शाए गए।
पेमेंट डिफॉल्ट: 63 लाख रुपये खाते में भेजे गए, जबकि 33 लाख रुपये के चेक दिए गए जो बैंक में बाउंस हो गए।
नकद का लालच: शेष 54 लाख रुपये “गाड़ी में रखे हैं” कहकर रजिस्ट्री के बाद देने का वादा किया गया, लेकिन काम होते ही आरोपी मुकर गए।
**संबंधित विभाग और जांच के घेरे में:**
1. **निबंधन विभाग (Registry Office):** क्या दस्तावेजों की जांच में लापरवाही हुई? 3 बीघा की जगह 9 बीघा के कागज कैसे तैयार हो गए?
2. **पुलिस प्रशासन (Shohratgarh Police):** पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में जांच शुरू।
3. **राजस्व विभाग:** विवादित भूमि के नामांतरण (Mutation) पर रोक और पैमाइश की मांग।
शम्भूनाथ ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।