पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि: देश ने किया याद, ‘आधुनिक भारत के निर्माता’ को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

गुरु जी की कलम से 
नई दिल्ली: भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। 27 मई 1964 को देश के इस महान सपूत ने अंतिम सांस ली थी। उन्हें देश के विकास में दूरदर्शी सोच और ‘आधुनिक भारत के निर्माता’ के रूप में याद किया जाता है।
इस खास मौके पर देश के प्रमुख नेताओं ने नई दिल्ली स्थित उनके समाधि स्थल **’शांति वन’** जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
पंडित नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें नमन किया। सभी नेताओं ने आजाद भारत के निर्माण और देश को लोकतांत्रिक व औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया।
नेहरू युग: आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत की मजबूत नींव
पंडित जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल (1947–1964) भारत के लिए केवल राजनीतिक बदलाव का समय नहीं था, बल्कि यह देश को औद्योगिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का स्वर्णिम दौर था। उनके नेतृत्व में देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई सरकारी कंपनियों (PSUs) और वैश्विक स्तर के वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की गई।
उनके कार्यकाल में स्थापित प्रमुख कंपनियां और संस्थान इस प्रकार हैं:
| सरकारी कंपनी / संस्थान | स्थापना वर्ष | मुख्य योगदान |
|—|—|—|
| **Hindustan Aeronautics Limited (HAL)** | 1964 | रक्षा और विमानन क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाया (1940 में शुरू हुई कंपनी का स्वतंत्रता के बाद पूर्ण विस्तार किया गया)। |
| **Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL)** | 1964 | भारी इलेक्ट्रिकल उपकरणों के निर्माण में देश का नेतृत्व किया। |
| **Oil and Natural Gas Corporation (ONGC)** | 1956 | देश में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज व उत्पादन को नई दिशा दी। |
| **Bharat Electronics Limited (BEL)** | 1954 | रक्षा और संचार इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में देश को मजबूत किया। |
| **Hindustan Machine Tools (HMT)** | 1953 | मशीन टूल्स और देश की पसंदीदा घड़ियों का निर्माण शुरू किया। |
| **Indian Oil Corporation (IOC)** | 1959 | पेट्रोलियम शोधन (रिफाइनिंग) और विपणन की नींव रखी। |
### स्टील प्लांट और ‘आधुनिक भारत के मंदिर’
नेहरू जी के कार्यकाल में औद्योगीकरण की गति तेज करने के लिए दुनिया के अग्रणी देशों के सहयोग से विशाल स्टील प्लांट लगाए गए। सोवियत संघ, जर्मनी और ब्रिटेन की मदद से **भिलाई (1955)** और **राउरकेला (1959)** जैसे बड़े स्टील प्लांट स्थापित हुए, जो आगे चलकर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) का मुख्य हिस्सा बने। नेहरू जी इन बड़े बांधों और उद्योगों को ‘आधुनिक भारत के मंदिर’ कहा करते थे।
### वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा
सिर्फ भारी उद्योग ही नहीं, बल्कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत का परचम लहराने के लिए नेहरू जी ने वैज्ञानिक अनुसंधान की मजबूत नींव रखी। उन्हीं के कार्यकाल में:
* **भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC)** की नींव रखी गई, जिसने भारत को परमाणु शक्ति बनाने का रास्ता साफ किया।
* **सीएसआईआर-सीरी (CSIR-CEERI)** जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की शुरुआत हुई, जिससे देश में तकनीकी रिसर्च को बढ़ावा मिला।
बताते चलें कि पंडित जवाहरलाल नेहरू का जाना देश के लिए एक युग का अंत था, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए ये ‘औद्योगिक पौधे’ आज विशाल वटवृक्ष बन चुके हैं, जिनकी बदौलत भारत आज वैश्विक मंच पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा है।