लोको पायलट ने नहीं बजाया हॉर्न तो आ गया गुस्सा, युवक ने ट्रेन पर कर दिया पथराव; GRP ने भेजा जेल

सिद्धार्थनगर का रहने वाला है आरोपी राहुल कुमार, पूछताछ में उगला पत्थरबाजी का हैरान करने वाला कारण

गुरु जी की कलम से
**गोरखपुर, 2 जून 2026**
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर ट्रेन के इंजन पर पथराव करने वाले एक सिरफिरे युवक को राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। रेलवे प्रशासन ने इस सुरक्षा चूक को बेहद गंभीरता से लिया था। लोको पायलट की लिखित शिकायत के बाद आनंदनगर जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला?
जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार (31 मई) की शाम को **नकहा से गोंडा जा रही डेमू (DEMU) ट्रेन** अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान सिद्धार्थनगर और उस्का बाजार रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित कुड़िया गांव के पास अचानक ट्रेन के इंजन पर पथराव किया गया।
पत्थर सीधे इंजन पर जाकर लगा, जिससे कोई बड़ा हादसा तो नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे के उच्च अधिकारियों और जीआरपी को दी।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से पकड़ा गया आरोपी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की। स्थानीय इनपुट और **तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence)** के आधार पर पुलिस ने आरोपी की शिनाख्त की।
जांच में सामने आया कि पथराव करने वाला युवक सिद्धार्थनगर जिले के उस्का बाजार थाना क्षेत्र के कुड़िया गांव का निवासी **राहुल कुमार** है। पुलिस ने जाल बिछाकर सोमवार को उसे धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपी ने बताई पथराव की अजीब वजह
जब जीआरपी ने आरोपी राहुल कुमार से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो वजह बताई उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। राहुल ने कुबूल किया:
> “घटना के समय मैं रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे पैदल जा रहा था। ट्रेन अचानक बेहद करीब आ गई, जिससे मैं बाल-बाल बचा और किसी तरह पटरी से हटकर अपनी जान बचाई। लोको पायलट ने ट्रेन आने पर हॉर्न नहीं बजाया था, जिससे मुझे बेहद गुस्सा आ गया। इसी गुस्से में आकर मैंने ट्रैक से पत्थर उठाकर ट्रेन पर फेंक दिया, जो सीधे इंजन से जा टकराया।”
रेलवे प्रशासन सख्त, दर्ज हुआ मुकदमा
आनंदनगर जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। रेलवे पुलिस का कहना है कि पटरियों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और ट्रेनों पर पथराव जैसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी। ऐसी हरकतों से यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए कानूनन कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।