📅 Published on: June 21, 2026
Nizam ansari
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश) | 21 जून 2026
**ब्यूरो रिपोर्ट:** जनपद सिद्धार्थनगर के बांसी विकास खंड में कार्यरत पंचायत सहायकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अल्प मानदेय और अतिरिक्त कार्यों के बोझ से परेशान पंचायत सहायकों ने आज अपनी मांगों को लेकर स्थानीय विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह से मुलाकात की। पंचायत सहायक अध्यक्ष प्रेमकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में एकजुट हुए दर्जनों कर्मियों ने विधायक के आवास पर पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
पूर्व कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह ने पंचायत सहायकों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाकर जल्द से जल्द निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।
“मनरेगा मजदूरी से भी कम में कैसे चलेगा घर?” – पंचायत सहायकों का छलका दर्द
मीडिया से बात करते हुए पीड़ित पंचायत सहायकों ने अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि विभाग में सेवा देते हुए उन्हें 4 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज के इस महंगाई के दौर में भी उन्हें मात्र **₹6,000 प्रति माह** का मानदेय दिया जा रहा है। कर्मियों का कहना है कि यह राशि एक मनरेगा मजदूर की दिहाड़ी से भी कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना पूरी तरह असंभव हो गया है।
“हमसे हमारे मूल पंचायत विभाग का काम न लेकर अन्य विभागों के काम जबरन कराए जाते हैं। अल्प मानदेय में इस तरह का विभागीय शोषण अब बर्दाश्त से बाहर है।”
— **पीड़ित पंचायत सहायक, विकास खंड बांसी**
पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगें:
*मानदेय में वृद्धि:** वर्तमान ₹6000 के मानदेय को बढ़ाकर कम से कम **₹30,000** किया जाए।
* **सीधा भुगतान:** मानदेय की राशि बिना किसी विभागीय लेट-लतीफी के सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खाते में भेजी जाए।
* **शोषण पर रोक:** पंचायत विभाग के अलावा अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्यों का दबाव बनाना तुरंत बंद किया जाए।
* **समय पर भुगतान:** हर महीने समय से मानदेय का भुगतान सुनिश्चित हो।
इस दौरान बांसी विकास खंड के तमाम पंचायत सहायक मौजूद रहे और उन्होंने साफ किया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आगे की रणनीति बनाने पर मजबूर होंगे।
**वीडियो बाइट संदर्भ:**
* **बाइट 1:** (समय – 2/3 मिनट) — पंचायत सहायक, विकास खंड बांसी (अपनी समस्याओं और मांगों का विवरण देते हुए)।