नेपाल में सियासी भूचाल: पूर्व अर्थमंत्री विष्णु पौडेल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार, केपी ओली ने बताया ‘अपहरण’

*संपत्ति शुद्धीकरण मामले में सुर्खेत से हुई गिरफ्तारी**

गुरु जी की कलम से
**काठमांडू/सुर्खेत।** नेपाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रमुख राजनीतिक दल नेकपा (एमाले) के उपाध्यक्ष और देश के पूर्व अर्थमंत्री **विष्णु प्रसाद पौडेल** को कथित संपत्ति शुद्धीकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से ही नेपाल के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पौडेल एमाले के एक संगठनात्मक कार्यक्रम में शामिल होने सुर्खेत पहुंचे थे, जहां संपत्ति शुद्धीकरण अनुसंधान विभाग द्वारा जारी वारंट के आधार पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
कर्णाली प्रदेश के डीआईजी जयराज सापकोटा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया: “विष्णु पौडेल को फिलहाल जिला पुलिस कार्यालय, सुर्खेत में रखा गया है। उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और सघन पूछताछ के लिए काठमांडू भेजने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा अधिकारी उनके ट्रांसफर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन कर रहे हैं।”
**पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली का सरकार पर तीखा हमला: कहा- ‘यह गिरफ्तारी नहीं, अपहरण है’ विष्णु पौडेल की गिरफ्तारी पर विपक्षी खेमे में भारी आक्रोश है। नेकपा (एमाले) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री **केपी शर्मा ओली** ने सोमवार देर रात एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर सरकार के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की। ओली ने सरकार पर **राजनीतिक प्रतिशोध** और तानाशाही रवैया अपनाने का सीधा आरोप लगाया है।
ओली ने सरकार को घेरते हुए कहा:
**गैरकानूनी शैली:** सरकार ने पौडेल को “गैरकानूनी तरीके और अपहरण जैसी शैली” में गिरफ्तार किया है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
**पूर्वनियोजित था कार्यक्रम:** उपाध्यक्ष पौडेल मंगलवार को खुद काठमांडू लौटने वाले थे, जहां उनसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सामान्य पूछताछ की जा सकती थी। इसके बावजूद सुर्खेत में की गई यह त्वरित कार्रवाई सरकार की दुर्भावनापूर्ण मंशा को दर्शाती है।
**विपक्ष को दबाने की कोशिश:** वर्तमान सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
एमाले अध्यक्ष ओली ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई को तत्काल बंद करे। साथ ही उन्होंने देश की न्यायप्रिय और लोकतांत्रिक शक्तियों से सरकार के इस कदम के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।
**गहरा सकता है नेपाल का राजनीतिक संकट**
विष्णु प्रसाद पौडेल नेपाल के एक कद्दावर नेता और पूर्व अर्थमंत्री रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है। जहां एक तरफ जांच विभाग इसे कानून सम्मत कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ एमाले इसे सड़क से सदन तक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर नेपाल की राजनीति में टकराव और तेज होने के आसार हैं।