सिद्धार्थनगर के शिक्षक रविन्द्र गुर्जर बने अंतरराष्ट्रीय खो-खो टेक्निकल ऑफिसियल, बढ़ाया जिले का मान

गुरु जी की कलम से
**सिद्धार्थनगर।**
खेल जगत में सिद्धार्थनगर जनपद के नाम एक और ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत **रविन्द्र सिंह गुर्जर** ने अंतरराष्ट्रीय खो-खो टेक्निकल ऑफिसियल (International Kho-Kho Technical Official) कोर्स सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
हरियाणा की एसजीटी यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल खो-खो फेडरेशन के निर्देशन में इस प्रतिष्ठित कोर्स का आयोजन किया गया था। इस कठिन प्रशिक्षण और परीक्षा को पास करने के बाद रविन्द्र गुर्जर को अंतरराष्ट्रीय टेक्निकल ऑफिसियल का आधिकारिक दर्जा प्राप्त हुआ है। विशेष बात यह है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से इस मुकाम को हासिल करने वाले वह **एकमात्र शिक्षक** हैं।
**वैश्विक मंच पर दिखाया हुनर**
अपनी इस अभूतपूर्व सफलता पर रविन्द्र गुर्जर ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत के अलावा: नेपाल ,मलेशिया ,ऑस्ट्रेलिया ,नीदरलैंड
,इंग्लैंड ,अफ्रीका सहित कई देशों के लगभग 80 तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा कि कड़ी परीक्षा और प्रशिक्षण के बाद मिली यह सफलता उनके वर्षों के खेल के प्रति समर्पण और अनुभव का परिणाम है।
**अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने जताया हर्ष**
रविन्द्र गुर्जर की इस सफलता पर जिले के शिक्षा विभाग और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है:
* **महेंद्र कुमार (खंड शिक्षा अधिकारी):** “रविन्द्र गुर्जर जनपद में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग एवं अन्य संस्थाओं की खेल प्रतियोगिताओं में हमेशा महत्वपूर्ण तकनीकी भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी यह सफलता जिले के अन्य शिक्षकों और बच्चों को प्रेरित करेगी।”
* **उपेंद्रनाथ उपाध्याय (जिला व्यायाम शिक्षक):** “रविन्द्र गुर्जर वर्ष 2025 में आयोजित प्रथम खो-खो विश्व कप में भी टेक्निकल ऑफिसियल की भूमिका निभा चुके हैं। जिले में होने वाले खेल आयोजनों को सफल बनाने में उनका योगदान हमेशा सराहनीय रहा है।”
**बीएसए कार्यालय में हुए सम्मानित**
सोमवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) **शैलेश कुमार** ने अपने कार्यालय में रविन्द्र गुर्जर को प्रमाणपत्र सौंपकर विशेष रूप से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
**ऐतिहासिक उपलब्धि:** इस गौरवपूर्ण अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों, व्यायाम शिक्षकों, शिक्षक संघ के पदाधिकारियों, स्काउट एवं गाइड प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी और इसे सिद्धार्थनगर के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया।