**नेपाली कांग्रेस सांसद अभिषेक प्रताप शाह और मेयर रजत प्रताप शाह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, सांसद ने बताया चुनावी साजिश**

कपिलवस्तु जिला अदालत का आदेश, हत्या के प्रयास के मामले में जांच को मिली अनुमति; सांसद बोले- न्यायपालिका पर पूरा भरोसा

गुरु जी की कलम से

**बढ़नी, सिद्धार्थनगर।** नेपाल के कपिलवस्तु-3 संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित नेपाली कांग्रेस सांसद अभिषेक प्रताप शाह और कृष्णनगर नगरपालिका प्रमुख रजत प्रताप शाह के खिलाफ कपिलवस्तु जिला अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अदालत ने पुलिस को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ और आगे की जांच की अनुमति दे दी है।

जिला प्रहरी कार्यालय कपिलवस्तु के एसपी मनोहर प्रसाद भट्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद वारंट जारी किया गया और दोनों आरोपियों की तलाश जारी है।

**क्या है पूरा मामला**

सूत्रों के अनुसार, कृष्णनगर उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सीताराम शर्मा (रितेश शर्मा) की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। शिकायत में आरोप है कि सांसद अभिषेक प्रताप शाह, नगर प्रमुख रजत प्रताप शाह तथा 15-20 अन्य लोग कथित रूप से उनके घर पहुंचे और मारपीट की, जिसे हत्या के प्रयास का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी।

पुलिस ने बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद घटना की आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी अभिषेक प्रताप शाह पर अपने आवास के भीतर श्याम मिश्रा के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लग चुका है, जिसके बाद वे करीब 15 दिन फरार रहे थे। उस समय कपिलवस्तु के एसएसपी रहे अधिकारी अब डीआईजी बन चुके हैं।

**दूसरे पक्ष पर भी कार्रवाई**

कृष्णनगर नगरपालिका-9, बहादुरगंज निवासी वैभव प्रताप शाह की शिकायत पर सीताराम शर्मा (रितेश शर्मा) सहित सात लोगों के खिलाफ भी आपराधिक उपद्रव के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। रविवार को सांसद के समर्थकों और सीताराम शर्मा के समूह के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामले दर्ज कराए।

**सांसद बोले- राजनीतिक बदला**

गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और चुनावी हार से उपजी विपक्ष की साजिश करार दिया। उन्होंने अपने बयान में इसे चुनावी हार की पीड़ा, विपक्षियों की साजिश और प्रशासन को गुमराह कर अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी सांसद शाह ने फेसबुक के जरिए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रितेश शर्मा से जुड़ी कुटपिट की घटना में अपनी कोई संलिप्तता न होने का दावा किया था और आरोपों को निराधार, भ्रामक व मनगढ़ंत बताया था।

सांसद शाह ने कहा कि उन्हें नेपाल के संविधान, कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक आरोप साबित न हो जाएं, कोई भी व्यक्ति अपराधी नहीं माना जा सकता।

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराए गए मामलों की जांच कर रही है।