इस्लामिक निकाह मे बारात की कोई वजूद नही है , बारात एक बलाय है – मौलाना गयासुद्दीन सल्फी

निकाह मे नवविवाहिता और गाँव देश के अमन् के लिए मांगी दुआ

निकाह के आयोजक नदीम अरशद खान ने आये हुए सभी मेहमानों का तहेदिल से किया खैर मकदम

जाकिर खान

सिद्धार्थनगर । सदर तहसील / कोतवाली लोटन बाजार अंतर्गत ग्राम भिटपरा मे मंगलवार को मरियम वेड्स सलाहुद्दीन के निकाह का आयोजन बड़े ही अक़ीदत और सादगी के साथ सम्पन्न हुआ । निकाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व देश स्तर के वरिष्ठ मुस्लिम विद्वान मौलाना गयासुद्दीन सल्फी रहें उन्होंने निकाह के दौरान मांगी अमन और शांति की दुआ मांगी ।

निकाह पढ़ने और दुआ मांगने के बाद मौजूद लोगों को खेताब करते हुए मौलाना गयासुद्दीन सल्फी ने कहा कि आज निकाह को बारात रूपी अपराध से बचाने की आवश्यकता है । बारात एक तूूूफ़ान और बला है ।

लोगों को निकाह को नवी के सून्नत के मुवाफिक करनी चाहिए । जैसा की आखिरी नवी के लख्ते जिगर और जन्नत मे औरतों की सरदार हजरत फातिमा का निकाह हुआ हैै।

आज हमे फातिमा की निकाह को आदर्श् बनाने की जरूरत है । इसी मे ही भलाई हैं । बहुत सारे परेशानियों से बचने है तो बरात को बाइकात् करना होगा । उन्होने कहा कि मजहबे इस्लाम मे बारात का कोई वजूद नही है । मुस्लिम समाज मे यह बुराई न जाने कैसे आ गई । अल्लाह इस बुराई की समाप्त करे ।

आगे उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज अपने पड़ोसियों के रीवाज को अपना रिवाज समझ बैठा है । और अपने निकाहों मे शामिल कर लिया है । जो गलत है। अल्लाह से दुआ है कि निकाह को बारात के वाइरस से बचाये ।

उन्होंने सबसे पहले आये हुए मेहमानों का खैर मकदम किया । उसके बाद नवविवाहिता के लिए और गाँव देश मुल्क के अमन और शांति के लिए दुआये मंगी । निकाह के आयोजक नदीम अरश्द् खान आये हुए सभी मेहमानों का तहेदिल से खैरमकदम किया ।

निकाह के मौके पर ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान मौलाना अब्दुल आखिर मक्की , हाफिक अतिक खान , मौलाना मुजीबर्रहमान् खान ,बम्बे से आये सोशल वरकर अब्दुल् मजीद खान , पत्रकार जाकिर खान , मौलाना जलालुद्दीन खान , मौलाना अशद फैजी ,मंजूर खान , मास्टर अनीश खान सहित समस्त रिस्तेदार व दोस्त अहबाब मौजूद रहे।

 

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