📅 Published on: July 24, 2026
Kapilvastupost
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से पुलिस की एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र के एनएच 28 (बस्ती-बांसी मार्ग) स्थित खुंटहना चौराहे पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों को सूचित किए बिना ही दुर्घटना में मृत व्यक्ति का लावारिस में अंतिम संस्कार करने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही स्थिति नियंत्रण में आ सकी।
**विस्तृत समाचार:**
मामला थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र का है, जहाँ नदांव गाँव के निवासी **रामनरेश गुप्ता (पुत्र पल्टूराम)** गत 03 जुलाई को मोटरसाइकिल से अपनी बेटी के घर जाने के लिए निकले थे। जब वे बेटी के घर नहीं पहुंचे, तो चिंतित परिजनों ने 04 जुलाई को थाना शिवनगर में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
परिजन लगातार खोजबीन कर रहे थे, लेकिन हाल ही में पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर जानकारी दी कि 03 जुलाई को ही करही चौराहे पर रामनरेश का एक्सीडेंट हो गया था। पुलिस के मुताबिक, घायल रामनरेश को पहले सीएचसी तिलौली और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने परिजनों को बिना कोई सूचना दिए शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि उनकी बाइक भी पुलिस थाने में ही खड़ी थी।
इस लापरवाही की खबर मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने बस्ती-बांसी मुख्य मार्ग को खुंटहना चौराहे पर जाम कर दिया। उग्र ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने शुरुआत में लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित भीड़ नहीं मानी।
सूचना मिलते ही **एसडीएम विश्वमित्र सिंह** और **सीओ शुभेन्दु सिंह** भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। एहतियात के तौर पर मौके पर चार थानों की पुलिस बल तैनात रही।
**बाइट:** शुभेंदु सिंह (पुलिस क्षेत्राधिकारी, बांसी)