अपराधियों के लिए सख्त, युवाओं के लिए मार्गदर्शक: दीवान डी पी सिंह की अनूठी कार्यशैली

गुरु जी की कलम से
बढ़नी / सिद्धार्थ नगर
जब पुलिस की वर्दी केवल कानून नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का माध्यम बन जाए
पुलिस की वर्दी का नाम आते ही आमतौर पर लोगों के मन में अपराधियों की गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था और सख्ती की तस्वीर उभरती है। लेकिन समाज में कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी होते हैं, जो अपनी जिम्मेदारी को केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रखते, बल्कि समाज को अपराध और नशे जैसी बुराइयों से बचाने का भी संकल्प लेकर चलते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों में दीवान डी पी सिंह का नाम क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता है।

वे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए जितने प्रतिबद्ध हैं, उतनी ही गंभीरता से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी देते हैं। पशु पक्षी असहाय गरीबों की सेवा में लगे रहना उनकी आदत सी बन गई है‌ विगत दिनों घायल लाल बाबा की सेवा कर उन्होंने अपने साथियों के साथ मानवता की सेवा का
एक मिशाल पैदा कर दिया था।

वर्तमान समय में नशा समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है। स्मैक, गांजा, अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों का जाल धीरे-धीरे युवाओं के भविष्य को निगल रहा है। अनेक परिवार अपने बच्चों को इस दलदल में खोते हुए देख रहे हैं। नशा केवल स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, परिवार, आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को भी बर्बाद कर देता है। यही कारण है कि पुलिस की भूमिका अब केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन चुकी है।

दीवान दीप सिंह इसी सोच को अपने व्यवहार में उतारते दिखाई देते हैं। वे अक्सर लोगों से संवाद करते हुए कहते हैं कि नशे की शुरुआत “सिर्फ एक बार” से होती है, लेकिन उसका अंत जेल, अस्पताल या श्मशान तक पहुँच सकता है। इसलिए युवाओं को अपने सपनों, परिवार और भविष्य को किसी भी प्रकार के नशे से बड़ा समझना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते युवाओं को सही दिशा मिल जाए, तो अपराध की जड़ें स्वतः कमजोर पड़ जाएँगी।

हाल के दिनों में थाना पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में चोरी, अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने कई अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी के आभूषण, अवैध शराब, स्मैक तथा चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। यह अभियान केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संदेश भी देता है कि कानून से बच पाना किसी भी अपराधी के लिए आसान नहीं है।

दीवान डी पी सिंह का मानना है कि हर गिरफ्तारी अपने आप में एक संदेश होती है। जब समाज देखता है कि अपराधी कानून के शिकंजे में आ रहे हैं, तो लोगों का पुलिस पर विश्वास मजबूत होता है। वहीं दूसरी ओर युवाओं को यह भी समझ में आता है कि अपराध और नशे की राह का अंत केवल बर्बादी है।

क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता का कारण केवल उनकी कार्यकुशलता नहीं, बल्कि उनका व्यवहार भी है। वे लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और युवाओं से आत्मीयता के साथ संवाद करते हैं।

कई अवसरों पर उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा, अनुशासन, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी है। उनका संदेश स्पष्ट होता है कि जीवन की सबसे बड़ी सफलता नशे में नहीं, बल्कि मेहनत, ईमानदारी और अच्छे संस्कारों में छिपी है।

समाज के प्रबुद्ध लोगों का भी मानना है कि यदि पुलिस की सख्ती के साथ जन जागरूकता का अभियान लगातार चलता रहे, तो नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

अपराधियों पर कार्रवाई जितनी आवश्यक है, उससे कहीं अधिक आवश्यक नई पीढ़ी को अपराध और नशे की दुनिया में जाने से रोकना है। इसी सोच को दीवान डी पी सिंह अपने कार्यों के माध्यम से मजबूत करते दिखाई देते हैं।

आज आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस, अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें। जब परिवार अपने बच्चों से खुलकर संवाद करेंगे, विद्यालय नैतिक शिक्षा और जागरूकता पर बल देंगे तथा पुलिस अपराधियों के साथ-साथ नशे के सौदागरों पर भी लगातार कार्रवाई करती रहेगी, तभी समाज सुरक्षित और स्वस्थ बन सकेगा।
दीवान डी पी सिंह की कार्यशैली यह संदेश देती है कि पुलिस की असली सफलता केवल अपराधियों को गिरफ्तार करने में नहीं, बल्कि ऐसे समाज के निर्माण में है जहाँ अपराध जन्म ही न ले। अपराधियों के लिए सख्त और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने की यही सोच उन्हें लोगों के बीच सम्मान दिलाती है। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें केवल एक पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि समाज का जागरूक प्रहरी और नई पीढ़ी का मार्गदर्शक मानते हैं।
जब कानून की शक्ति के साथ संवेदनशीलता जुड़ जाती है, तब पुलिस केवल व्यवस्था नहीं संभालती, बल्कि समाज का भविष्य भी संवारती है।