ऐसा रिपोर्ट लगाऊंगा कि कप्तान साहब भी देखते रह जाएंगे ,वेरिफिकेशन के नाम पर पुलिसकर्मी पर धन उगाही का आरोप: ‘सुविधा शुल्क’ न देने पर देता है प्रतिकूल रिपोर्ट की धमकी

गुरु जी की कलम से
**इटवा (सिद्धार्थनगर):**
सिद्धार्थनगर जिले का इटवा थाना एक तरफ अपने पुलिस विभाग के कुशल कार्यों और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए जिले में एक मिसाल बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर थाने के कंप्यूटर कक्ष में तैनात एक पुलिसकर्मी के अमानवीय और भ्रष्ट व्यवहार से पूरे थाने की साख पर बट्टा लग रहा है। क्षेत्रीय लोगों और फरियादियों के बीच इस खाकीधारी का रवैया चर्चा का विषय बना हुआ है।
**सुविधा शुल्क नहीं तो खराब रिपोर्ट की धमकी**
सूत्रों के अनुसार, इटवा थाने के कंप्यूटर कक्ष में पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े कार्यों का जिम्मा संभाल रहा यह पुलिसकर्मी आए दिन अपनी हरकतों की वजह से सुर्खियों में रहता है। जब भी कोई आम व्यक्ति या आवेदक पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने या दस्तावेज जमा करने कंप्यूटर कक्ष में जाता है, तो उससे खुलेआम ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) की मांग की जाती है।
पैसा न देने या आनाकानी करने पर यह पुलिसकर्मी आम लोगों के साथ बदसलूकी करता है और खाकी का रौब दिखाता है। हद तो तब हो जाती है जब वह आवेदकों को यह कहकर सीधा धमकाता है “यदि सुविधा शुल्क नहीं दोगे, तो ऐसी प्रतिकूल रिपोर्ट लगाऊंगा कि कप्तान साहब (SP) भी देखते रह जाएंगे।”
**’जेब गर्म, तब साहब करेंगे रहम’**
पीड़ितों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त सिपाही के लिए “जेब गर्म, तब साहब करेंगे रहम” वाली कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। नाम न छापने की शर्त पर एक पीड़ित ने बताया कि यह खाकीधारी बिना किसी कानून या डर के खुलेआम रिश्वत की मांग करता है। अधिकारियों को भी चुनौती देने वाला यह सिपाही आखिर किसके संरक्षण में यह सब कर रहा है, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
जबकि थाने के प्रभारी निरीक्षक (SO) संजय कुमार मिश्र अपनी स्वच्छ छवि और बेहतर कार्यशैली के लिए पुलिस विभाग में पहचाने जाते हैं, वहीं उनकी नाक के नीचे कंप्यूटर कक्ष से चल रहा यह खेल प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
**जांच कराकर होगी सख्त कार्रवाई: SP**
मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस संबंध में **पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अभिषेक महाजन** ने बताया कि “यह एक बेहद गंभीर प्रकरण है।

मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”