इटवा में सड़क किनारे कचरे का अंबार, बेपरवाह तंत्र और पस्त स्वच्छता अभियान
📅 Published on: August 8, 2026
स्वच्छता अभियान को ठेंगा: इटवा में सड़क किनारे कचरे का अंबार, जिम्मेदार साधे हैं मौन
डुमरियागंज-बढ़नी-नेपाल बॉर्डर मार्ग पर फैली दुर्गंध, राहगीरों और स्थानीय लोगों का जीना मुहाल; नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ पर उठ रहे सवाल
निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर (इटवा)। एक तरफ प्रदेश सरकार राज्यभर में स्वच्छता अभियान चलाकर शहरों और कस्बों को साफ-सुथरा बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सिद्धार्थनगर जिले के इटवा नगर पंचायत में धरातल की हकीकत इन दावों की हवा निकाल रही है। नगर पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह सड़क किनारे फैले कचरे के अंबार ने स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
प्रमुख मार्ग बना ‘डंपिंग यार्ड’
सबसे बदतर स्थिति डुमरियागंज से इटवा होते हुए बढ़नी और नेपाल बॉर्डर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की है। इस अति-महत्वपूर्ण सड़क के किनारे जगह-जगह कचरे का विशाल ढेर लगा हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय नागरिक गुजरते हैं। सड़क पर बिखरी गंदगी और उठती तेज दुर्गंध के कारण लोगों का यहां से निकलना भी दूभर हो गया है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पंचायत से निकलने वाले कूड़े-कचरे के सही निस्तारण (Disposal) के लिए नियम अनुसार एक निर्धारित डंपिंग साइट होनी चाहिए। इसके बावजूद मुख्य मार्ग के किनारे कचरा फेंका जा रहा है, जिससे संक्रमण बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
इस अव्यवस्था को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष विकास जायसवाल और अधिशासी अधिकारी (EO) की कार्यप्रणाली पर भी सीधे सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि कागजों और विज्ञापनों में विकास व स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद शर्मनाक है।
मुख्य सवाल जिनका जवाब देना बाकी है:
जब नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण के लिए निर्धारित व्यवस्था है, तो मुख्य सड़क के किनारे कचरा क्यों डाला जा रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस बदहाली की खबर नहीं है, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?


