सिद्धार्थनगर में अकीदत के साथ मनाया गया 12 रबीउल अव्वल, पैगंबर मोहम्मद साहब के शांति और इंसानियत के संदेश को किया याद
📅 Published on: August 27, 2026
निजाम अंसारी
डुमरियागंज ,सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर। इस्लामी कैलेंडर की 12 रबीउल अव्वल की मुकद्दस तारीख पर सिद्धार्थनगर जिले और डुमरियागंज क्षेत्र में 12 रबीउल अव्वल का पर्व बेहद अकीदत, एहतराम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के जीवन (सीरत) और उनकी महान शिक्षाओं को शिद्दत से याद किया गया।
जुलूस-ए-मोहम्मदी और मिलाद-उन-नबी के इस मुबारक मौके पर क्षेत्र की मस्जिदों और धार्मिक स्थलों को खूबसूरत रोशनी से सजाया गया। जगह-जगह मिलाद की महफिलें और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।
पैगंबर साहब के उपदेश: इंसानियत, भाईचारा और रहमदिली हजरत मुहम्मद साहब की शिक्षाएं केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन करती हैं। उन्होंने समाज में:
सच्चाई और ईमानदारी: हमेशा सच बोलने और सही राह पर चलने की हिदायत दी।
रहमदिली और मदद: गरीबों, अनाथों और जरूरतमंदों के प्रति दया और मदद का हाथ बढ़ाने का संदेश दिया।
अमन और सौहार्द: समाज में शांति, मोहब्बत और आपसी भाईचारा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
‘पैगंबर साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए’ – मौलाना मकसूद अकरम
डुमरियागंज स्थित गरीब नवाज के सदर मौलाना मकसूद अकरम ने इस मुबारक मौके पर अपने विचार साझा करते हुए कहा:
“जुलूस-ए-मोहम्मदी और पैगंबर साहब की आमद का यह जश्न किसी एक वर्ग या कौम तक सीमित नहीं है। हजरत मुहम्मद साहब पूरी दुनिया और पूरी इंसानियत के लिए रहमत (वरदान) बनकर आए हैं। उनकी शिक्षाएं हर इंसान को सही राह दिखाती हैं। इस पाक मौके पर हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि हमारे पूरे मुल्क में हमेशा शांति, तरक्की और खुशहाली कायम रहे।”


