प्राइम टाइम स्पेशल , सिद्धार्थ नगर जनपद के बर्डपुर के दुल्हा सुमाली में बड़ा वित्तीय घोटाला: मनरेगा में बने काम पर फिर निकाले 5.46 लाख, डीएम के निर्देश पर सचिव निलंबित

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सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खंड बर्डपुर स्थित ग्राम पंचायत दुल्हा सुमाली में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। बिना कार्य कराए पंचम राज्य वित्त आयोग की 5.46 लाख रुपये की धनराशि का गबन करने के आरोप में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने ग्राम विकास अधिकारी एवं सचिव केशभान यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिना कार्य कराए और बिना स्वीकृति निकाला पैसा जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत दुल्हा सुमाली के ककरहवा हाट बाजार की दाल मंडी में इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के सरकारी धन निकाला गया। बिना कोई कार्य कराए ही सामग्री मद में 4,88,542 रुपये और श्रमांश (मजदूरी) मद में 57,600 रुपये, यानी कुल 5,46,142 रुपये का भुगतान दर्ज कर धन का गबन कर लिया गया।

एक ही कार्य का दो बार भुगतान: मनरेगा से पहले ही बन चुकी थी सड़क मामले की पड़ताल में यह गंभीर तथ्य भी उजागर हुआ कि जिस इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर राज्य वित्त आयोग से बजट निकाला गया, वह कार्य वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना के तहत पहले ही कराया जा चुका था। शासनादेशों का उल्लंघन करते हुए पूर्व में पूर्ण हो चुके कार्य पर दोबारा फर्जी तरीके से बजट जारी कर गबन को अंजाम दिया गया।

डीएम का सख्त रुख, अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीडीओ को पत्र भेजकर सचिव केशभान यादव के खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999’ के तहत कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।