प्राइम टाइम स्पेशल , सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों का हल्लाबोल: सिंगल रूम में डबल ऑक्यूपेंसी के फरमान पर धरना, बोले- ’24 घंटे ड्यूटी के बाद कहां सोएं?’

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सिद्धार्थनगर: स्व. माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल व्यवस्था और कमरों के आवंटन को लेकर बवाल गहरा गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा छोटे सिंगल-सीटर कमरों में जबरन दो-दो छात्रों को ठहराने (डबल ऑक्यूपेंसी) के फैसले के खिलाफ इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। डॉक्टरों का आरोप है कि विरोध करने पर प्रशासन उन्हें हॉस्टल से बाहर करने की धमकियां दे रहा है।

‘नाइट शिफ्ट और PG परीक्षा की तैयारी के बीच मानसिक उत्पीड़न’ प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेज के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए फ्लैट व आवास की अलग व्यवस्था है, तो मेडिकल कॉलेज के पहले बैच के इंटर्न्स के साथ यह भेदभाव क्यों?

  • डॉ. रागिनी साहू (इंटर्न): “जिस सिंगल रूम में एक बेड ठीक से नहीं आता, वहां दो बेड ठूंसे जा रहे हैं। 24 घंटे की कठिन ड्यूटी और नाइट शिफ्ट के बाद अगर आराम करने की जगह नहीं मिलेगी, तो इसका सीधा असर हमारी सेहत और मरीजों के इलाज पर पड़ेगा। प्रशासन हॉस्टल की स्थिति को यथावत रखे।”

  • डॉ. तुषी सिंह (इंटर्न): “हम इस कॉलेज का पहला बैच हैं। पिछले 5 सालों से कमरों की कमी का रोना रोया जा रहा है, पर कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। पहले डबल, फिर ट्रिपल और अब सिंगल रूम में भी दो लोगों को रखने का दबाव बनाया जा रहा है। सामने नीट-पीजी (NEET-PG) की परीक्षा है, ऐसे माहौल में पढ़ाई और ड्यूटी दोनों असंभव हैं।”

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन इंटर्न डॉक्टरों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन कमरों के जबरन री-अलॉटमेंट का फैसला वापस नहीं लेता और रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।