नेपाल की बाणगंगा नदी में डूबे 10 वर्षीय बालक का शव भारत के सिद्धार्थनगर में मिला, परिवार में मचा कोहराम

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले स्थित शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को राप्ती नहर के सायफन के पास एक 10 वर्षीय नेपाली बालक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक का शव बगुलहवा के पास नहर में फंसा हुआ मिला। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची भारतीय पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने के बाद उसे नेपाल से आए परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

मृतक की पहचान नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बाणगंगा क्षेत्र (वार्ड संख्या-8) निवासी रियाज लामा (10) पुत्र रन बहादुर लामा के रूप में हुई है।

नहाने के दौरान अचानक आई बाढ़ में बहे थे तीन किशोर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार की शाम वार्ड संख्या-8 निवासी तीन किशोर गांव के पास बहने वाली बाणगंगा नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान नदी में अचानक बाढ़ का पानी आ गया और तीनों किशोर पानी के तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे।

चीख-पुकार सुनकर पहुंचे स्थानीय निवासियों और नेपाल पुलिस की रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए 14 वर्षीय रीदम लामा पुत्र रन बहादुर लामा और 16 वर्षीय सीजन थापा पुत्र गरन थापा को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रियाज लामा का कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार की पूरी रात परिजन और नेपाल पुलिस नदी के तटीय इलाकों में खोजबीन करते रहे, पर सफलता हाथ नहीं लगी।

बड़े भाई की आंखों के सामने बह गया छोटा भाई

रविवार की सुबह रियाज का शव नदी के तेज बहाव में बहकर भारतीय सीमा के भीतर शोहरतगढ़ क्षेत्र के बगुलहवा गांव के पास राप्ती नहर के सायफन में फंसा मिला। शव को पानी में तैरता देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची शोहरतगढ़ पुलिस ने नेपाल सीमा पुलिस से संपर्क कर परिजनों को बुलाया।

मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान रियाज के रूप में की। रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि बड़े भाई रीदम की आंखों के सामने ही उसका छोटा भाई तेज धारा में समा गया था। पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को शोकाकुल परिवार को सौंप दिया है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है।