सिद्धार्थनगर: बदहाली के आंसू रो रहा मढ़नी-ढेबरुआ मार्ग, जगह-जगह गहरे गड्ढे और बिखरे पत्थर दे रहे हादसों को खुला निमंत्रण
📅 Published on: September 29, 2026
हजारों स्कूली बच्चों और राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें, विभागीय लापरवाही से जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश
सड़क पर पत्थर डालकर अधूरा छोड़ने से बढ़ा जोखिम, कभी भी हो सकती है बड़ी अनहोनी
kapilvastupost बढ़नी/सिद्धार्थनगर।
जिले के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत बढ़नी क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खोलती लोक निर्माण विभाग (PWD) की एक तस्वीर सामने आई है। मढ़नी से ढेकहरी बुजुर्ग होते हुए ढेबरुआ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-730) को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बेहद जर्जर और बदहाल स्थिति में है। कुछ साल पहले ही बने इस मार्ग की सुधि न लेने के कारण सड़क उखड़ चुकी है और जगह-जगह जानलेवा गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों का चलना मुहाल हो गया है।
जिम्मेदारों की लापरवाही: पत्थर डालकर भूले अधिकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिन पहले विभाग द्वारा सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों में बड़े-बड़े नुकीले पत्थर तो गिरा दिए गए, लेकिन मरम्मत का काम बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। पत्थरों के खुला पड़े होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों का निकलना और अधिक जोखिम भरा हो गया है। फिसलन और अनियंत्रित होकर गिरने से राहगीर व वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं।
खतरे के साए में आवागमन, प्रभावित हो रही पढ़ाई
इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे, छात्र-छात्राएं, किसान और आम नागरिक आवागमन करते हैं। सड़क की इस दयनीय स्थिति के चलते बच्चों की सुरक्षा पर हर वक्त तलवार लटकी रहती है। मढ़नी पुल के पास और ढेकहरी बुजुर्ग से जमधरा के बीच की सड़क तो पूरी तरह छलनी हो चुकी है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने इस बदहाली को लेकर विभाग और प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है:
अनुज चौधरी (समाजवादी पार्टी नेता): उन्होंने कहा कि सड़क की स्थिति बेहद दयनीय है। इस रूट पर छात्रों और ग्रामीणों की भारी आवाजाही रहती है। संबंधित विभाग को तत्काल संज्ञान लेकर युद्धस्तर पर मरम्मत करानी चाहिए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
सजीवन (पूर्व प्रधान, जमधरा): सड़क पर गड्ढे और बिखरे पत्थर समस्या का समाधान नहीं बल्कि नई मुसीबत बन गए हैं। विभाग को जल्द से जल्द मार्ग को दुरुस्त करना चाहिए।

बब्बू संसरी (प्रधान प्रतिनिधि): मार्ग की बदहाली से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराना चाहिए।
विशाल चौधरी व आलोक (युवा समाजसेवी): सड़क पर बने गहरे गड्ढे सीधे तौर पर हादसों को दावत दे रहे हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर की जा रही यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


