📅 Published on: September 30, 2026
kapilvastupost
सिद्धार्थनगर में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद बढ़नी क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। बाढ़ की विभीषिका के बीच ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बढ़नी के प्रभारी डॉ. अविनाश चौधरी खुद मोर्चे पर उतर आए हैं। डॉ. चौधरी की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने बाढ़ प्रभावित खैरी शीतल प्रसाद और पन्नापुर गांवों का दौरा कर राहत और इलाज कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों के बीच पहुंचे डॉ. अविनाश चौधरी, खुद की मरीजों की जांच
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव के बीच पहुंचे डॉ. अविनाश चौधरी ने पूरी टीम के साथ स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया। इस दौरान उन्होंने बीमार ग्रामीणों की खुद चिकित्सीय जांच की और पीड़ित परिवारों को नि:शुल्क आवश्यक दवाएं वितरित कीं। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जलजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉ. चौधरी ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी।
दूषित पानी और गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा: डॉ. अविनाश चौधरी
स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश चौधरी ने कहा, “बाढ़ का पानी घटने के बाद जमा गंदगी और दूषित पेयजल की वजह से संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में लोगों तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है।”
डॉ. चौधरी ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए केवल स्वच्छ व उबला हुआ पानी पीने, अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और कहीं भी जमा पानी न रहने देने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है और हर प्रभावित व्यक्ति तक दवा व इलाज की सुविधा पहुंचाई जा रही है।
स्वास्थ्य टीम रही मुस्तैद, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
डॉ. अविनाश चौधरी के कुशल नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में डॉ. ओपी यादव, डॉ. विजय और गुरुचरण समेत स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी से डटी रही। विकट परिस्थितियों के बीच डॉ. चौधरी और उनकी टीम की इस पहल से बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को समय पर चिकित्सीय सहायता मिली, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।