📅 Published on: October 2, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शोहरतगढ़ में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर “सेवा संकल्प अभियान” के तहत विविध प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
रंगोली और चित्रकला में छात्र-छात्राओं ने बिखेरे प्रतिभा के रंग
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे रंगोली प्रतियोगिता से हुआ, जिसमें बी.एससी., बी.ए. एवं बी.एड. की छात्राओं और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रंगोली प्रतियोगिता परिणाम: बी.एससी. ग्रुप (रीना प्रजापति, प्रगति चौधरी, अंकिता मौर्या, रोशनी गौड़, शिवांगी, किरण यादव, अंजलि विश्वकर्मा, अंशिका कसौधन) ने प्रथम, बी.एड. ग्रुप (श्रुति प्रभा, रितिका, अमृता मौर्या, अनुष्का, सचिन) ने द्वितीय तथा बी.ए. ग्रुप (ममता यादव, शालिनी मिश्रा, ममता भारती, मिनीषा, सोनी चौधरी, आँचल मौर्य, सविता यादव, अनु) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, राजू प्रजापति एवं डॉ. अजय कुमार सिंह शामिल रहे।
चित्रकला प्रतियोगिता परिणाम: विद्यार्थियों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसमें अंजलि विश्वकर्मा ने प्रथम, रीना प्रजापति ने द्वितीय तथा शशि चौधरी ने तृतीय स्थान हासिल किया।
ध्वजारोहण, बापू-शास्त्री जी को नमन और एकता की शपथ
प्रातः 10 बजे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह ने ध्वजारोहण कर मुख्य समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद सामूहिक राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का गायन हुआ। महाविद्यालय के लोअर हॉल में महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। प्राचार्य द्वारा सभी को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई एवं गाँधी जी के प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम…” का सामूहिक गायन किया गया।
गाँधी जी के विचार जीवन पद्धति और शास्त्री जी का नारा आज भी प्रासंगिक: प्राचार्य
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा का मार्ग दिखाया। गाँधी जी का सत्याग्रह केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं बल्कि सत्य और नैतिकता पर आधारित जीवन शैली थी। उन्होंने छात्रों से इन विचारों को आत्मसात कर ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भाव अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, लाल बहादुर शास्त्री जी के “जय जवान, जय किसान” के नारे की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी।
विजेताओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सफल आयोजन का संपादन राष्ट्रीय सेवा योजना (स्वामी विवेकानंद इकाई एवं रानी लक्ष्मीबाई इकाई) तथा एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम का संचालन रानी लक्ष्मीबाई इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने किया।