📅 Published on: October 16, 2026
मेवा लाल तिवारी की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्री ने लिया स्वतः संज्ञान
निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ कार्यालय से हटाए गए डॉ. मानवेंद्र पाल
एडी हेल्थ (बस्ती मंडल) को सौंपी गई पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी
कपिलवस्तुपोस्ट ,सिद्धार्थनगर:
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग में कड़ा रुख अपनाते हुए सिद्धार्थनगर जिले में बड़ी कार्रवाई की है। निजी अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों (पीसीपीएनडीटी) के नोडल अधिकारी के रूप में तैनात डॉ. मानवेंद्र पाल के खिलाफ मिली शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से जिले से संबद्ध मुक्त कर संतकबीरनगर भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेवा लाल तिवारी नामक शिकायतकर्ता ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के समक्ष पहुंचकर नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल के खिलाफ विभिन्न गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ यह आशंका भी जताई थी कि यदि डॉ. मानवेंद्र पाल सिद्धार्थनगर के सीएमओ कार्यालय में ही बने रहे, तो उनके पद पर रहते हुए पूरे मामले की जांच प्रभावित हो सकती है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी सीएम ने तत्काल प्रभाव से उच्चस्तरीय जांच के निर्देश जारी किए।
एडी हेल्थ को सौंपी गई जांच
प्रकरण की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, बस्ती मंडल के एडी हेल्थ ( अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
शासन की मंशा के अनुरूप जांच में किसी भी प्रकार का प्रभाव या हस्तक्षेप न हो, इसके लिए डॉ. मानवेंद्र पाल को सिद्धार्थनगर से हटाकर संतकबीरनगर जनपद से संबद्ध कर दिया गया है। जांच प्रक्रिया पूरी होने तक वह सीएमओ संतकबीरनगर के अधीन ही अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।
बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि एडी हेल्थ द्वारा की जा रही इस जांच के रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कठोर विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के इस कड़े कदम से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।