📅 Published on: October 16, 2026
शिक्षक से रुके हुए इंक्रीमेंट के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
बीएसए शैलेश कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लिपिक मनीष कुमार उपाध्याय को किया सस्पेंड
मामले की जांच के लिए गठित हुई दो सदस्यीय टीम, नौगढ़ बीईओ कार्यालय से किए गए संबद्ध
कपिलवस्तुपोस्ट ,सिद्धार्थनगर:
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सोशल मीडिया पर रिश्वत मांगने का एक वीडियो प्रसारित होने के बाद बीएसए शैलेश कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्यालय में तैनात लिपिक (क्लर्क) मनीष कुमार उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वायरल वीडियो से खुला मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बढ़नी ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक के रुके हुए इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) को बहाल कराने को लेकर बातचीत होती सुनाई दे रही है। आरोप है कि लिपिक अधिकारियों का नाम लेते हुए यह कह रहा है कि उनका हिस्सा (रिश्वत की राशि) पहुंचने के बाद ही काम आगे बढ़ेगा। हालांकि, इस वायरल वीडियो में संबंधित शिक्षक का चेहरा नजर नहीं आ रहा है।
लखनऊ तक पहुंची गूंज, बीएसए ने की तुरंत कार्रवाई
बताया जा रहा है कि यह मामला लखनऊ स्थित विभागीय उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। वहां से अधिकारी द्वारा सिद्धार्थनगर बीएसए को फोन कर मामले की जानकारी दी गई और जांच के निर्देश दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए शैलेश कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लिपिक मनीष कुमार उपाध्याय को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नौगढ़ के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
दो सदस्यीय टीम करेगी मामले की जांच
प्रकरण की पारदर्शी जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जांच की जिम्मेदारी वित्त एवं लेखाधिकारी अभिनव कुमार सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी शोहरतगढ़ संजय कुमार को सौंपी गई है।
बीएसए शैलेश कुमार ने बताया कि यद्यपि इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, परंतु सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सामने आए गंभीर आरोपों की गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।