भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई: 809 ग्राम डोडा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, बस भी कब्जे में

एसएसबी की कार्रवाई: बढ़नी की बीआईटी चेकपोस्ट पर 50वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा चेकिंग के दौरान बड़ी सफलता।

  • बरामदगी: आरोपियों के पास से 809 ग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ (डोडा) बरामद।

  • गिरफ्तार आरोपी: राजेंद्र कुमार (हिमाचल प्रदेश) और गुरजत सिंह (पंजाब)।

  • बस भी कब्जे में: एक आरोपी बस का ड्राइवर होने के कारण संबंधित प्राइवेट बस को भी ढेबरुआ थाने के सुपुर्द किया गया।

Kapilvastupost

बढ़नी, सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बढ़नी की बीआईटी चेकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को 809 ग्राम संदिग्ध नशीले पदार्थ (डोडा) के साथ दबोच लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों और बरामद सामग्री को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय ढेबरुआ थाने की पुलिस को सौंप दिया गया है।

चेकिंग के दौरान पकड़े गए संदिग्ध प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर को सुबह करीब 11:30 बजे एसएसबी की 50वीं वाहिनी (बलरामपुर) के अंतर्गत आने वाले जी समवाय बढ़नी की बीआईटी चेकपोस्ट पर नियमित जांच चल रही थी। इसी दौरान आवाजाही कर रहे दो संदिग्धों की तलाशी ली गई, जिनके पास से पॉलीथिन में छिपाकर रखा गया 809 ग्राम डोडा बरामद हुआ। हालांकि, यह मादक पदार्थ नेपाल ले जाने की फिराक में थे या नहीं, इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

पहचान और बस भी जब्त पकड़े गए आरोपियों की पहचान हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ जिले के साईं क्षेत्र स्थित खरीना निवासी राजेंद्र कुमार (43) पुत्र बेल बहादुर और पंजाब के संगरूर जिले के धूरी थाना क्षेत्र के भीभसा निवासी गुरजत सिंह (48) पुत्र बलदेव सिंह के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए व्यक्तियों में से एक व्यक्ति बस का ड्राइवर था, जिसके चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस प्राइवेट बस को भी ढेबरुआ थाने पर लाकर खड़ा करवा लिया है।

खुली सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण सीमावर्ती इलाकों में लोगों और वाहनों की आवाजाही निरंतर बनी रहती है, जिससे अवैध गतिविधियों को रोकना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती रहता है। बहरहाल, एसएसबी द्वारा दोनों आरोपियों को ढेबरुआ पुलिस के हवाले किए जाने के बाद अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस तस्करी के तार कहां-कहां जुड़े हैं और डोडा कहां से लाया जा रहा था।