📅 Published on: July 3, 2023
जाकिर खान
सिद्धार्थनगर जनपद के जाने माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ चंद्रेश उपध्य्याय के वी पी एल हॉस्पिटल में सेवा डायग्नोस्टिक के नाम से नए विंग सेवा डायग्नोस्टिक सेंटर उसका रोड केनरा बैंक के बगल में जिला मुख्यालय पर शुभारम्भ शनिवार को एक बड़े इवेंट के दौरान किया गया |
मंडल के पहले 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन सेवा डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन डॉक्टर्स डे पर मुख्य अतिथि माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ ए0 के0 झा व डाक्टर चन्देश उपाध्याय ने संयुक्त रूप फीता काटकर उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि डा0 ए0के0 झा ने सभी चिकित्सको को डॉक्टर्स डे पर बधाई देते हुवे कहा कि जिले में उच्च डिग्री प्राप्त और अनुभवी डॉक्टरों की कमी नहीं है स्वास्थय जगत में हो रहे नित नए प्रयोगों से स्वास्थय सुविधाएं बेहतर हो रही है उच्च तकनीकी मशीनें रोगों को समझने में उनका उपचार करने में मशीनों का बड़ा योगदान है | ऐसे में यह पॉवर फुल एम आर आई मशीन टेस्ला 1.5 से जनपद वासियों के साथ ही पडोसी राष्ट्र नेपाल के लोगों को भी सुविधा मिलेगी |
इस दौरान मुख्य चिकित्सधिकारी डॉ बी के अग्रवाल ने कहा कि जब समाज में सृजनात्मक प्रतिद्वंदिता होती है तो उसका लाभ पूरे समाज को मिलता है आम जनमानस को इसका लाभ मिलता है ह्रदय रोग विभाग , न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट हो या कोई भी विभाग हो सारे केटेगरी में बेहतर से बेहतर एडवांस मशीनें लगाई जानी चाहिए जिससे चिकित्सा स्वस्थ्य सेवा लोगों को बेहतर तरीके से मिल सके मैं इसके लिए डॉ चंद्रेश को सुभकामनायें देता हूँ |
डॉ चंद्रेश उपाध्याय ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और डॉक्टर्स डे की बधाई देते हुवे कहा कि मेडिकल क्षेत्र में काम करने के लिये तमाम संसाधनों की जरूरत होती है । हमेशा से मन में उमंग रहा कि कुछ बड़ा कुछ बेहतर करने की ख्वाहिस की देन है , एमआरआई के लिये विगत पांच सालों से प्रयासरत थे, आज एमआरआई सेन्टर लगा। अच्छे डायग्नोस्टिक सेन्टर होने से मरीजों को गोरखपुर, लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस दौरान सेवानिवृत्त सीएमओ बलरामपुर डा0 एसडी भारती, डिप्टी सीएमओ डा0 डी0के0 चौधरी , डा0 ममता गुप्ता, डा0 सलोनी उपाध्याय, डा0 मनोज पाण्डेय, डा0 ओए0एन0 त्रिपाठी, डा0 आर0एन0 जायसवाल, डा0 संदीप राव, डा0 अजय उपाध्याय, डा0 शक्ति जायसवाल, पूर्व चेयरमैन श्याम बिहारी जायसवाल, साधना श्रीवास्तव, के0एम0 लाल श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, सिद्धार्थ अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
MRI स्कैन में क्या होता है?
MRI स्कैनर एक सिलेंडरनुमा मशीन होती है जो दोनों तरफ़ से खुली होती है. जांच कराने वाला व्यक्ति मोटराइज़्ड बेड पर लेटता है और फिर वो भीतर जाता है | कुछ मामलों में शरीर के किसी ख़ास हिस्से पर फ़्रेम रखा जाता है जैसे कि सिर या छाती. फ़्रेम में ऐसे रिसीवर होते हैं जो स्कैन के दौरान शरीर की तरफ़ से जाने वाले सिग्नल लपकते हैं जिससे बढ़िया गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में मदद मिलती है.
MRI का मतलब है मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्कैन, जिसमें आम तौर पर 15 से 90 मिनट तक लगते हैं. ये इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर का कौन सा, कितना बड़ा हिस्सा स्कैन किया जाना है. कितनी तस्वीरें ली जानी हैं | ये रेडिएशन के बजाए मैग्नेटिक फील्ड पर काम करता है. इसलिए एक्स रे और सीटी स्कैन से अलग है |