📅 Published on: August 18, 2023
devesh srivastav
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने अभियुक्त विक्रम, पुजारी व ओमप्रकाश को साधारण एवं गम्भीर रूप से मारपीट व जानमाल की धमकी का दोषी करार दिया और धारदार हथियार से उपहति करने के अपराध में दोषमुक्त करते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके दोषियों को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक को चार-चार हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित करते हुए सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया है।
घटना 18 जनवरी 2014 की है जो ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम अहिरौला में दो पक्षों के बीच पानी के बहाव के लिए हुआ था। पंकज पुत्र बालकेश्वर ने पुलिस को तहरीर दिया कि उनके पट्टीदार विक्रम, पुजारी व ओमप्रकाश पुत्रगण द्वारिका के बीचों-बीच सरहद से पूरव तरफ वादी का निजी जमीन में अवैध रूप से खड़ंजा लगा दिया है।
नये खड़ंजे से दक्षिण उनकी खुद की जमीन लगभग आधा फुट नीचा है। खडंजा ऊंचा होने के वजह से बरसात का पानी जमा रहता है। अवैध खड़जे से पूरब तरफ से जमा पानी का निकासी हमलोग अपनी जमीन से कर रहा था। विक्रम, पुजारी य ओमप्रकाश आदि लोग मेरे निजी जमीन से पानी निकासी को लेकर मारपीट करना शुरू कर दिये जिससे घायल हुए हरिकेश बहादुर पुत्र बालकेश्वर व पंकज पुत्र बालकेश्वर आदि लोगों को गम्भीर रूप से चोट आई तथा माँ-बहन की गाली व जान-माल की धमकी दिये।
घटना 18 जनवरी 2014 को समय करीब एक बजे की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना किया और अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने घटना का संज्ञान लेकर विचारण प्रारम्भ किया। विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विचारण के दौरान
उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट, अन्य आवश्यक प्रपत्रों का अवलोकन करके न्यायालय ने अभियुक्त विक्रम, पुजारी व ओमप्रकाश को साधारण एवं गम्भीर रूप से मारपीट व जानमाल की धमकी का दोषी करार दिया और धारदार हथियार से उपहति करने के अपराध में दोषमुक्त करते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके दोषियों को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक को चार-चार हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित करते हुए सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया है।
राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने किया।