महथा गांव के ग्राम प्रधान आसिम नैय्यर ने बाणगंगा नदी के कटान से उत्पन्न स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “यह एक बेहद गंभीर स्थिति है, और हम सभी ग्रामीण बहुत डरे हुए हैं। हर साल बाढ़ का खतरा हमारे सिर पर मंडराता है, लेकिन इस बार कटान की वजह से हालात और भी बदतर हो सकते हैं। नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है, और इसके साथ ही हमारी जमीन भी नदी में समाती जा रही है।”
आसिम नैय्यर ने प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग करते हुए कहा, “हमारे गांव के लोग अपने घरों और खेतों को बचाने के लिए दिन-रात संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन बिना प्रशासनिक मदद के यह संभव नहीं है। मैंने कई बार जिला अधिकारियों से संपर्क किया है, जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाने की बात कही गयी है। अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं की गई, तो हमारे गांव का बड़ा हिस्सा नदी में समा जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी प्राथमिकता इस समय गांव के लोगों की सुरक्षा है। मैंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। लेकिन यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे हमें इस संकट से बाहर निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।”
आसिम नैय्यर ने अंत में कहा, “मैं प्रशासन से आग्रह करता हूं कि वे जल्द से जल्द कटान को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करें और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें। हमारे गांव के लोग बेहद चिंतित और खौफ में हैं, और उन्हें इस समय सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।”