मेडिकल कॉलेज में लापरवाही उजागर, डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने सात चिकित्सकों व स्टाफ नर्स को थमाया नोटिस

Nizam Ansari 

सोमवार को डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, जहां भारी लापरवाही उजागर हुई। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि मरीजों की केस सीटों में दर्ज दवा व इंजेक्शन की जानकारी तीमारदारों को नहीं दी जा रही थी। साथ ही कई अन्य खामियों के चलते सात चिकित्सकों व स्टाफ नर्सों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने परिसर में अवैध रूप से खड़ी एक एंबुलेंस को जब्त कर थाने भेज दिया और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना मुख्यालय न छोड़ें। डीएम की इस कार्रवाई से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

इमरजेंसी वार्ड में मिलीलापरवाही

निरीक्षण के दौरान डीएम सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां भर्ती मरीजों की केस सीटों की जांच की गई। इसमें गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। केस सीटें सही ढंग से भरी नहीं गई थीं, जिससे डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। जब उन्होंने मौके पर मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ से पूछताछ की, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।

डीएम ने डस्टबिन से दवा की वायल उठाकर जानकारी ली, जिससे वहां मौजूद कर्मचारी असहज महसूस करने लगे। जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों को दी जाने वाली दवाओं और इंजेक्शनों की जानकारी उनके तीमारदारों को नहीं दी गई थी। इस गंभीर लापरवाही पर डीएम ने हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. ऋचा राव, नर्सिंग अधिकारी डॉ. शिव कुमार, स्टाफ नर्स संजू व फातिमा, और रात्रि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सचिन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

ओपीडी में मिली खामियां, वार रूम स्टाफ फेल

इमरजेंसी वार्ड के बाद डीएम ने नई बिल्डिंग में संचालित ओपीडी का निरीक्षण किया। वहां मौजूद वार रूम में तैनात स्टाफ नर्स कामिनी से कार्यों की जानकारी मांगी गई, लेकिन वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। इसके अलावा डॉ. हिना व डॉ. फारूक ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर डीएम ने उन्हें भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इस औचक निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमएस डॉ. एके झा, डॉ. हसमतुल्लाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल कीव्यवस्थाओं में सुधार लाया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।