📅 Published on: September 24, 2025
बनारस में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के दौरान सैकड़ों की संख्या में मंदिर तोड़े जा चुके हैं
परमात्मा उपाध्याय
सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में एक पुराने मंदिर को बुलडोजर से गिराने के बाद भारी आक्रोश फैल गया है। यह मंदिर लगभग 40 साल पुराना था और एनएच 28 पर विकास भवन कार्यालय के पास स्थित था। बुलडोजर की कार्रवाई के बाद बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, और आरएसएस के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान स्थानीय सांसद जगदंबिका पाल और नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद माधव भी वहां मौजूद थे।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने बिना किसी नोटिस या सहमति के, आधी रात को मंदिर को गिरा दिया। इस मंदिर में भगवान हनुमान, भगवान राम और मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित थीं। मंदिर गिराने की इस घटना से हिंदू जनमानस में गहरा गुस्सा है।
विधायक ने इसे ‘आस्था पर आघात’ बताया
विधानसभा शोहरतगढ़ के विधायक विनय वर्मा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह कार्य अत्यंत निंदनीय है और सनातनियों की आस्था पर आघात है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र था और इसका निर्माण एनएच ने नाला और सड़क निर्माण के दौरान खुद ही करवाया था। इससे न तो आवागमन बाधित होता था और न ही किसी को कोई परेशानी थी।
विधायक विनय वर्मा ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर को तोड़ना देश और जनता का दुर्भाग्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता और मुगलिया शासन जैसा व्यवहार है।
विधायक विनय वर्मा ने दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित/बर्खास्त किया जाए।
खंडित प्रतिमाओं को पुनः स्थापित कर मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाए।
हिंदू समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी जाए।
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आस्था का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।