नेपाल – बालेंद्र शाह के नए आदेश के बाद सीमा पर अमानवीय व्यवहार: नेपाली सुरक्षाकर्मियों की दादागिरी, महिलाओं के पैर पकड़कर लगानी पड़ रही गुहार

निजाम अंसारी

सिद्धार्थनगर/बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा पर एक शर्मनाक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। रुपईडीहा सीमा चौकी पर नेपाली सुरक्षा कर्मियों द्वारा आम भारतीय नागरिकों — खासकर महिलाओं — के साथ जो अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, वह न केवल निंदनीय है, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने भाईचारे पर भी एक बड़ा सवालिया निशान है।

क्या है पूरा मामला?

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार नेपाली सुरक्षा बल सीमा पार करने वाले भारतीय नागरिकों को फुटकर खरीदी गई खाद्य सामग्री तक ले जाने से रोक रहे हैं। महिलाओं द्वारा रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान और खाने-पीने की वस्तुएं ले जाने पर उन्हें जब्त कर लिया जाता है। हद तो तब हो गई जब रुपईडीहा सीमा पर एक महिला को नेपाली जवान के **पैर पकड़कर** अपना सामान वापस माँगने की गुहार लगानी पड़ी।

यह दृश्य किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाला है।

कर का बहाना, उत्पीड़न की आड़

बालेंद्र शाह के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के बाद उम्मीद थी कि भारत-नेपाल संबंधों में फिर से गर्मजोशी आएगी। लेकिन नेपाल सरकार ने भारत से **100 रुपये से अधिक** के सामान की खरीद पर कर लगा दिया। इस नियम की आड़ में सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी आम गरीब नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को परेशान कर रहे हैं और उनका मामूली सामान तक जब्त कर रहे हैं।

यह केवल कर संग्रह नहीं, यह **गरीब और मजबूर लोगों का शोषण** है। जो देश भारत की सहायता और सद्भावना से चलता है, उसके सुरक्षाकर्मियों का यह रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। एक महिला का सीमा पर पैर पकड़कर गिड़गिड़ाना — यह तस्वीर नेपाल सरकार के मुँह पर एक तमाचा है। भारत सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नेपाल से कड़ा जवाब माँगना चाहिए।