📅 Published on: June 6, 2026
निजाम अंसारी
**सिद्धार्थनगर।**
लोटन कस्बे में संचालित ‘सद्भावना हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर क्लीनिक’ में प्रसव के दौरान हुई नवजात शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। शुक्रवार की शाम को जांच टीम ने अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन थिएटर (OT) और अन्य कक्षों का सघन निरीक्षण किया।
आशा कार्यकर्ता पर गुमराह करने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, लोटन ब्लॉक के पचमा गांव निवासी सोहित की पत्नी रूबी को २ जून को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लोटन लेकर गए थे। वहां महिला की हालत गंभीर देखते हुए और अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत जिला मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जब वे मेडिकल कॉलेज जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी सीएचसी पर तैनात आशा कार्यकर्ता पुष्पा ने उन्हें गुमराह किया। आशा ने उन्हें सरकारी अस्पताल के बजाय लोटन कस्बे में ही स्थित निजी संस्थान ‘सद्भावना हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर क्लीनिक’ ले जाने की सलाह दी।
सामान्य प्रसव में लापरवाही से गई जान
आशा कार्यकर्ता के बहकावे में आकर परिजन गर्भवती महिला को लेकर निजी अस्पताल पहुंच गए। वहां रात करीब ८ बजे महिला ने सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की कथित लापरवाही के कारण नवजात की मौके पर ही मौत हो गई।
पीड़ित परिवार ने CMO से की शिकायत
इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित पीड़ित परिवार के सदस्य हरिश्चंद्र मौर्या ने ३ जून को सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
“लोटन कस्बे में संचालित सद्भावना हॉस्पिटल में नवजात की मौत की शिकायत मिली है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”**
*डॉ. रजत कुमार चौरसिया, सीएमओ (सिद्धार्थनगर)*
अस्पताल पहुंची जांच टीम
सीएमओ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय कुमार गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत मौर्या और लोटन सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित चौधरी शामिल हैं। इस टीम ने शुक्रवार शाम को सद्भावना हॉस्पिटल का दौरा किया। टीम ने अस्पताल के बुनियादी ढांचे, ओटी और दस्तावेजों को खंगाला। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने या एफआईआर दर्ज कराने जैसी अग्रिम कार्रवाई की जा सकती है।