बढ़नी – वाईएचए ने बढनी से प्रयागराज को जोड़े जाने की डीआरएम से मांग की

बढनी से प्रातःकाल गोरखपुर हेतु ट्रेन चलाने,15132/ 15131 को बढनी तक विस्तारित करने की भी मांग

Media man badhni

गोरखपुर-बढनी-गोंडा रुट के ट्रेनों के संचलन समय विसंगति पूर्ण होने से ट्रेनें यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं हैं। वाईएचए यूनिट बढनी द्वारा डीआरएम (लखनऊ) को मांगपत्र भेजकर बढनी से गोरखपुर हेतु प्रातः ट्रेन चलाये जाने की पुरजोर मांग की गयी है।एसो. के लोगों ने बढनी बॉर्डर को प्रयागराज से जोडने की मांग भी की है।
यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (यूनिट-बढनी) द्वारा बढनी से गोरखपुर हेतु प्रातः 6 से 7 बजे के बीच यात्री गाड़ी चलाये जाने की मांग संबंधी एक ज्ञापन मण्डल रेल प्रबंधक ( लखनऊ) को
स्टेशन मास्टर के जरिये भेजा गया है।वाईएचए के पदाधिकारियों ने कहा है कि प्रातः 10 बजे के करीब गोरखपुर पहुचने हेतु ट्रेन न होने से व्यापारियों, मरीजों,दैनिक यात्रियों, छात्रों आदि को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ता है।पहले उक्त समय पर ट्रेन वर्षों तक चलती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रेन (रैक) की व्यवस्था न हो सके तो गोंडा से चलने वाली ट्रेन नं. 05376 के प्रस्थान समय को प्रातः 4 बजे कर दिया जाय तो उचित होगा।उक्त ट्रेन बढनी 9:50 पर पहुँचती है, जबकि 48 मिनट बाद ही 15082 (गोमती नगर -नकहा) ट्रेन भी पहुँचती है।
ज्ञापन में 05376 को गोरखपुर से 18:00 बजे चलाये जाने की मांग की गई है ताकि व्यापारियों, मरीजों,दैनिक यात्रियों, छात्रों आदि को लाभ मिल सके।ट्रेन संख्या 15132/ 15131 (गोरखपुर- वाराणसी सिटी) ट्रेन को बढनी तक विस्तारित किया जाय ताकि यात्रियों को आरक्षण का लाभ मिल सके और रेलवे की आय भी बढ़े। सनद रहे कि उक्त ट्रेन बढनी रुट पर 05447/ 05448 नं से चल रही है।इंडो नेपाल का नजदीकी बॉर्डर होने के कारण इस रुट के अलावे नेपाल के भी यात्री बड़ी संख्या में प्रयागराज जाते हैं,इसलिए बढनी को प्रयागराज से जोड़ा जाना अति आवश्यक है।ज्ञापन में गोरखपुर से चलने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस ( 15003/15004) को बढनी तक विस्तार देने की मांग प्रमुखता से की गई है। बढनी में लंबे समय से बन रहे वाशिंग पिट को अतिशीघ्र पूरा कर उसे संचालित करने की भी मांग ज्ञापन में की गई है।डीआरएम को ज्ञापन देने वालो में एसो. के कृष्णगोपाल जायसवाल, विजय कुमार जायसवाल, नंदकिशोर शर्मा, राकेश मोदनवाल, अजय प्रताप गुप्त तथा मोहन भारती प्रमुख रहे। ज्ञापन की प्रति परिचालन प्रबंधक गोरखपुर को भी भेजी गई है।