सिद्धार्थ नगर – राशन वितरण में अनियमितता करने वाले कोटेदार पर उपजिला अधिकारी ने जारी किया नोटिस

मार्च महीने में बांटे गए राशन में पूरे जिले में कोटेदारों द्वारा धांधली की गयी कार्ड धारकों को यूनिट के अनुसार राशन निहीं मिलने की शिकायतें हुई बावजूद जिला प्रशासन की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं |

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सिद्धार्थनगर स्थानीय तहसील क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम पंचायत तेलियाडीह के कोटेदार का राशन वितरण में अनियमितता करने पर उपजिला अधिकारी इटवा ने स्पष्टीकरण जारी किया है। कोटेदार को निर्देशित किया है कि सम्बंधित अभिलेख और साक्ष्य समय से प्रस्तुत न करने पर कार्यवाही की जाएगी।

उपजिला अधिकारी इटवा राहुल सिंह ने 02 अप्रैल 2024 को जारी अपने निर्देश में कहा कि ग्राम पंचायत तेलियाडीह निवासी अबरार अली के शिकायत पर पूति निरीक्षक खुनियांव द्वारा मौके पर जांच किया गया।

जांच के समय लिये गये बयानों से स्पष्ट है कि कोटेदार द्वारा अन्त्योदय कार्डधारकों में खाद्यान्न का वितरण 30.00 किग्रा0 की दर से किया गया है।

इसके अतिरिक्त चीनी का वितरण भी मानक से कम एवं अधिक मूल्य पर किया गया है। कोटेदार द्वारा पात्र गृहस्थी कार्डधारकों में भी 05 किग्रा प्रति यूनिट के स्थान पर 04 किग्रा प्रति यूनिट की दर से वितरण किया गया है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत अन्त्योदय कार्डधारकों के प्रत्येक चक्र में 21 कि0ग्रा0 चावल एवं 14 कि0ग्राम गेहूं कुल 35 किलोग्राम खाद्यान प्रति कार्ड एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 03 कि०ग्रा० चावल एवं 02 कि.ग्राम गेहूं कुल 5 कि० ग्रा० खाद्यान्न प्रति प्रति यूनिट दिये जाने का प्रावधान है।

इसके अतिरिक्त प्रति 03 माह पर अन्त्योदय कार्डधारकों को 03 किग्रा० चीनी, रुपये 18.00 प्रति किग्रा० की दर से दिये जाने का प्रावधान है।

कोटेदार का उक्त कृत्य उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम (विक्रय एवं नियंत्रण का विनियमन) आदेश- 2016 अद्यावधिक संशोधित तथा निष्पादित अनुबंध पत्र की शतों एवं नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

इस लिए कोटेदार को निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त पाई गई अनियमितताओं के दृष्टिगत अपना स्पष्टीकरण विगत दो माह (फरवरी एवं मार्च 2024) के मूल वितरण अभिलेख एवं अन्य सुसंगत साक्ष्यों सहित पत्र प्राप्ति के 15 कार्यदिवस के अन्दर उपजिला अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

यदि निर्धारित समय में स्पस्टीकरण एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो उक्त के विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही सम्पादित कर दी जाएगी।