📅 Published on: April 6, 2024
kapilvastupost
कस्बा शोहरतगढ़़ स्थित जामा मस्जिद, नीबी दोहनी व गड़ाकुल के मस्जिदों में जुमा अलविदा की नमाज अदा की गयीं और देश व दुनिया में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी गयीं।
रमजान माह के आखिरी जुमा के मौके पर हाफिज व कारी सिराज अहमद ने रोजे के वैज्ञानिक रूप से फायदे बताते हुए कहा कि साल में एक महीने का रोजा शरीर की तमाम बीमारियो से बचाता है।
शरीर के अन्दरूनी हिस्सों की बेहतर सफाई हो जाती है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा, नई स्फूर्ति का संचार होता है। उन्होंने दीनी एतबार से भी रोजे फायदे बतायें।
उन्होंने बताया कि रोजेदारों के लिए दुनिया और आखिरत दोनों जगह अल्लाह का इनाम है। रोजेदार दुनिया में हर मुसीबत और बला से बचे रहेंगे। आखिरत में जन्नतुल फिरदौस में जगह मिलेगी।
रोजेदारों को चाहिए कि अधिक से अधिक अल्लाह की इबादत करें। झूठ, गीबत, बुराई आदि से बचें।क्यूंकि रोजा सिर्फ भूखा रहने का नाम नहीं है। आंख, कान और दिमाग को बुराई से भी महफूज रखें।
जुमा अलविदा की नमाज अदा करने के बाद देश और दुनिया में अमन चैन कायम रहने की दुआ मांगी गयीं। मौलाना रजिउल्लाह सहब ने रमजान शरीफ में गरीबों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि जकात और फितरह से गरीबों और यतीमों की भरपूर मदद की जानी चाहिए। जुमा अलविदा की नमाज में जामा मस्जिद के नाजिम ए आला नवाब खान, सदर अलताफ हुसैन,
डा0 सरफराज आलम, डा0 शादाब आलम, इंजीनियर एजाज अहमद, शायर नुरुल हसन, बाबूजी , वली खान, वकील खान, अब्दुल्ला कुरैशी, निसार अहमद चौधरी सहित भारी संख्या में लोग शामिल रहें। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।