📅 Published on: May 2, 2024
किताबों में ही पढ़ा जाता है गाय हमारी माता है और सरकारी कागजातों में लाभ का आधार इसे एक विडम्बना के रूप में देखा जाना चाहिए कि दो दो चुनावों की खेवन हार माता का क्या हाल है जो इसके लिए मरने मिटने की बातें करते हैं वही राष्ट्रवादी इनका खाना चुरा हैं उसके खुराक में कमी करके अपने आपको महान कहलाना चाहते हैं |
सरकार के तमाम प्रयासों के बाद गायों के स्थित में सुधार नहीं हुवा क्या इसके लिए कोई समुदाय जिम्मेदार है इतने कड़े कानून गायों के संरक्षण के लिए बनने के बावजूद अगर गायों की संख्या और उनकी दिनिं दिन होती बदहाल स्थित के लिए कोई कार्यवाही नहीं होती क्योंकि गाय का चारा चुराने वाले उसे भूखों मारने वाले अपने हैं |
kapilvastupost
सिद्दार्थनगर बिसकोहर नगर पंचायत मे बने गौशाले की स्थिति बदहाल दिखाई देती नजर आ रही है जहाँ एक तरफ केंद्र व प्रदेश सरकार गौशालाओं की व्यवस्था के लिए काफी प्रयासरत है तो दूसरी तरफ बिसकोहर गौशाला की बात करें तो सिर्फ नाद मे सूखा भूसा दिखाई दिया |
जिसमें गोबर व मिट्टी भी.पड़ी थी वहीं एक मवेशी धूप मे जहाँ खुले मे भूसा गिराया गया था उसी मे तड़प रही थी लेकिन उसे निकालने वाला कोई नहीं था सरकार मवेशियों के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है |
लेकिन स्थिति बदहाल दिखाई दिया जब इसके बारे मे वहां तैनात गौ सेवक से पूछा गया तो उसने बताया कि अभी हरा चारा की कोई व्यवस्था नहीं है जहाँ लू का प्रकोप इतना प्रभावी है लोगों को घरों से बाहर निकलने मे दिक्कत होती हैं वहीं मवेशियों को सूखा भूसा दिया जा रहा है स्थिति क्या होगी।
बिसकोहर नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी अमरजीत से इस बारे मे जानकारी के लिए सम्पर्क किया गया। तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।