📅 Published on: May 24, 2024
kapilvastupost
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासनकाल में कई नीतियों और निर्णयों को मनमाने तरीके से लागू किया गया जिसका नुकसान देश के गरीबों शिक्षा से दूर रखा बेरोजगारी बढ़ी ,आर्थिक विषमता बढ़ी और सबसे बड़ी हिन्दू मुस्लिम भाईचारा का सबसे ज्यादा नुकसान हुवा |
पूर्व विधायक अनिल सिंह ने लोकसभा चुनाव में अब तक सैकड़ों गाँव का भ्रमण कर जनता के बीच गठबंधन प्रत्याशी कुशल तिवारी के लिए चुनाव प्रचार किया | कनविंसिंग से लौट रहे पूर्व विधायक ने रिपोर्टर को बताया कि जनता इस बार जागरूक है वह अपने अधिकारों के लिए चुनाव मैदान में है वह अपनी लड़ाई खुद लड़ रही है |
जनता अपने बुरे दिनों को याद कर रही है और वह अब परिवर्तन का एक दम से मूड बना चुकी है उन्होंने कहा नोट बंदी भाजपा सरकार का एक प्रमुख निर्णय था, जिसे नवंबर 2016 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य काले धन, नकली मुद्रा और आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाना था। इसके तात्कालिक प्रभाव से देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ। लाखों लोग बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे, जिससे दैनिक जीवन बाधित हुआ। लाखों छोटे और मध्यम व्यवसाय बंद हो गए, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) जीएसटी को देश में एकल कर प्रणाली लागू करने के लिए लाया गया था। इसे लागू करने का तरीका और जीएसटी की दरें व्यापारियों और छोटे व्यवसायों के लिए जटिल और बोझिल साबित हुईं। इससे व्यापारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, और कई छोटे व्यवसाय बंद होने की कगार पर आ गए। जीएसटी की जटिलता और कर की उच्च दरें अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव से व्यापारी परेशान है |
कृषि कानून – बी जे पी किसानों की बड़ी हितैषी बनती है लेकिन कृषि कानूनों को किसानों की भलाई के लिए जब लागू किया गया था, तो इन कानूनों ने देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। किसानों का मानना था कि ये कानून उनकी आजीविका को खतरे में डाल देंगे और उन्हें बड़े कॉर्पोरेट्स के रहमोकरम पर छोड़ देंगे। महीनों तक चले किसानों के आंदोलन और सरकार के साथ गतिरोध ने देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया।600 से ज्यादा किसान मारे गए |
बेरोजगारी भाजपा शासनकाल में रोजगार सृजन की कमी एक बड़ी देश व्यापी समस्या बनी हुई है। युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे बेरोजगारी दर बढ़ रही है। सरकारी नौकरियों की कमी और निजी क्षेत्र में अवसरों की कमी ने देश के युवाओं को निराश किया है। इसके परिणामस्वरूप, देश के विकास की गति धीमी हो रही है। युवा गुस्से में है |
सामाजिक ध्रुवीकरण भाजपा सरकार के तहत सामाजिक ध्रुवीकरण भी एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है। सांप्रदायिक तनाव और धार्मिक असहिष्णुता के मामले बढ़े हैं, जिससे समाज में विभाजन गहरा हुआ है। यह सामाजिक तनाव देश के समग्र विकास और स्थिरता के लिए हानिकारक है। चुनाव जीतना ही मकसद नहीं होना चाहिए देश मजबूत करने के लिए काम नहीं हुवा |
पूर्व विधायक अनिल सिंह ने कहा कि बी जे पी की नीतियों का उद्देश्य देश के विकास और जनता की भलाई की जगह बड़े बड़े उद्योगपतियों का भला हुवा , कई नीतियों के प्रभाव विपरीत साबित हुए हैं। नोटबंदी, जीएसटी, कृषि कानून, बेरोजगारी, और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसी समस्याओं ने देश को बर्बादी की ओर धकेल दिया है।
हमारी सरकार इन मुद्दों पर पुनर्विचार करने और सही दिशा में कदम अपनाकर काम करेगी , ताकि देश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके और जनता को राहत मिल सके। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देकर और संतुलित नीतियाँ बनाकर ही एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।