📅 Published on: May 24, 2024
kapilvastupost
सिद्धार्थ नगर की राजनीती में एक प्रमुख दलित नेता के रूप में दो दशकों से भी अधिक समय से समाज में सक्रीय रहे नेता राम मिलन भारती ने भारत के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में आरक्षण और संविधान की सुरक्षा के मुद्दे पर दलित समाज का आह्वान किया |
उन्होंने कहा आज समय है बाबा साहब भीम राव आम्बेडकर के सिद्धांतों को बचाने का समय है अगर यह नहीं रहा तो दलितों का उत्नथान नहीं होगा हमारे समाज की सुरक्षा खतरे में पड़ जायेगी | यह मुद्दा सदैव से ही एक महत्वपूर्ण विषय रहा है।
हाल के वर्षों में, दलित नेताओं ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए आरक्षण प्रणाली की रक्षा और संविधान की मूलभूत सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रणाली भारतीय संविधान में सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए प्रावधानित है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान सभा ने इस प्रणाली को शामिल किया था ताकि सदियों से शोषित और वंचित वर्गों को मुख्य धारा में लाया जा सके। आरक्षण न केवल शिक्षा और रोजगार में समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समाजवादी पार्टी के नेता राम मिलन भारती ने कहा कि वर्तमान में, आरक्षण प्रणाली के खिलाफ कई आलोचनाएँ और विरोधाभास उत्पन्न हुए हैं। कुछ वर्गों का मानना है कि आरक्षण प्रणाली योग्यता के आधार पर अन्यायपूर्ण है, जबकि कई दलित और पिछड़े वर्गों के नेताओं का कहना है कि आरक्षण के बिना सामाजिक और आर्थिक समानता प्राप्त करना असंभव है। इसके अलावा, संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और प्रावधानों को बदलने या कमजोर करने के प्रयास भी देखे गए हैं।
राम मिलन भारती ने संविधान सुरक्षा के मुद्दे पर जोर देते हुए जनता से अपील की है कि वे आरक्षण प्रणाली और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हों। उनका कहना है कि आरक्षण प्रणाली न केवल संवैधानिक अधिकार है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इस आह्वान के तहत कई दलित नेता रैलियाँ, सभाएँ और जागरूकता अभियान चला चुके हैं।
संविधान की रक्षा :संविधान में निहित मूलभूत अधिकार और प्रावधान सभी नागरिकों के लिए समानता और न्याय की गारंटी देते हैं। दलित नेता का कहना है कि संविधान की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है, ताकि इसके सिद्धांत और प्रावधान सुरक्षित रहें|
दलित नेता ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे मिलकर काम करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति या वर्ग के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मजबूत और समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सभी को साथ आना होगा।