सिद्धार्थ नगर – बाढ़ में आधा दर्जन घर बने काल का ग्रास , दर्जन भर घर बहने के कगार पर , ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

nizam ansari 

पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण आम जन जीवन सिमट सा गया है बारिश के कारण बाणगंगा नदी में आई बाढ़ ने गरीबों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा में खदेरू , झिंकू ,विष्णु ,किशन एवं पप्पू के घर बह गए, जिनमें से तीन घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। यह घटना शोहरतगढ़ कसबे से सटे ग्रामीण क्षेत्र बसहिया के नौडिहवा टोले में घटी, जहाँ पहले से ही लोग आर्थिक तंगी और बाढ़ की त्रासदी का सामना कर रहे थे।

घटना का विवरण

गाँव के निवासी बताते हैं कि शनिवार 6 जुलाई की रात बाढ़ के पानी ने रातों-रात उनके घरों को बहा दिया। झिंकू  जिनका घर बाढ़ में बह गया, ने बताया, “हमने रातभर जागकर देखा कि पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। कुछ ही समय में हमारा घर पानी में समा गया।

अब हमारे पास सिर छुपाने की भी जगह नहीं है।” इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित परिवार राम किशुन ,जोखूराम ,सैलू , लाल बिहारी ,सोमराज ,गौरी ,पारस , बिफई ,मंगलनिवास , मनोहर ,भगौती ,विचारी आदि लोगों का घर खतरे में है |

शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया। बाढ़ प्रभावित लोगों को अस्थायी शेल्टर में रखने को कहा गया है और उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। विधायक विनय वर्मा  ने यह भी कहा है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

बहर हाल विधायक ने बाढ़ आने की संभावना से पूर्व ही विधान सभा क्षेत्र का दौरा कर तटबंधों के किनारे बसे गाँव और निचले क्षेत्र में आबाद गाँव के लोगों से मिलकर बाढ़ से बचाव और सुविधाओं के लिए स्थानीय व जिला प्रशासन से हर संभव मदद और कार्यों को समय से पूर्ण करने के लिए चेताया भी था |

स्थानीय प्रशासन कि लापरवाही

स्थानीय युवा नेता दीपक यदुवंसी प्रधान प्रतिनिधि महेन्द्र निषाद  कहते हैं तहसील क्षेत्र का बसहिया गाँव हर वर्ष बाढ़ कि तबाही झेलता है बाणगंगा नदी तट पर बसे इस गाँव में प्रति वर्ष कटान होती रही है बावजूद इसके प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया और ठोकर आदि का निर्माण नहीं करवाया | जबकि पिछले कई वर्षों से गाँव के किनारे ठोकर निर्माण कि मांग करते आ रहे हैं,  सीधे तौर पर प्रशासन कि लापरवाही है |

बाढ़ ने स्थानीय निवासियों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। बाढ़ में कई लोगों के घर बह गए, जिनमें से अधिकतर गरीब परिवार थे।  इस आपदा ने प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी को उजागर किया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

मानव अधिकार परिवार के राजेंद्र प्रसाद रूंगटा और दीपक कौशल ने कहा

स्थानीय सामाजिक संगठन और स्वयंसेवक भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे अआने के लिए कमर कस चुके हैं हैं। मानव अधिकार परिवार के जिलाध्यक्ष व नगर अध्यक्ष दीपक कौशल ने कहा है कि हम लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर अपनी निगाह बनाये हुवे हैं संगठन हर संभव मदद देने का प्रयास करेगा |  नीलू रूंगटा ने कहा हमारी कोशिश है कि हर प्रभावित व्यक्ति को मदद मिले और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।”