📅 Published on: December 27, 2024
ए हमसफर मुझे भी साथ ले लेते चल बढ़नी स्टेशन से गुजरने वाली तमाम ट्रेनों के ठहराव की मांग यहां के लोगों ने रेलवे प्रशासन से किया है
गुरु जी की कलम से
पूर्वोत्तर रेलवे का गोंडा गोरखपुर लाइन का मुख्य स्टेशन भारती बढ़नी जो नेपाल से सटा हुआ है इस रास्ते से पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के बहुसंख्यक यात्री भारत के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं यहां पर कुछ ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण यह नेपाली यात्री मजबूर होकर के प्राइवेट बसों से दिल्ली पंजाब लुधियाना समेत कई जगह की यात्रा करते हैं ।
यही नहीं है यहां से बिहार के तरफ जाने वाले बिहारी लोग जो पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के प्लाईवुड सीमेंट जैसे तमाम कारखाने में काम करते हैं यें
ट्रेने उन्हें अपने गंतव्य तक की यात्रा करने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वह जब नया स्टेशन पर खड़े होकर के देखते हैं तो उनके गंतव्य तक पहुंचने मे सवारी गड़ियां इसी रूटस होकर जाती तो है लेकिन वह बढ़नी रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकती है।
ट्रेनों को देखकर उनके मन में आता है कि यदि ये गाड़ियां यहां पर रूकती तो हम भी उनके साथ सफर करने में कामयाब हो जाते
एक और हमसफर एक्सप्रेस जो कटिहार से चलकर गोरखपुर आनंद नगर सिद्धार्थनगर बढ़नी तुलसीपूर गोंडा के रास्ते पुरानी दिल्ली तक जाती है पुनः डाउन हमसफर 15706 जो उसी रास्ते होते हुए कटिहार तक जाती है उस ट्रेन का स्टॉप बढ़नी मे नही है।
इस ट्रेन का स्टॉप बढ़नी मे होना चाहिए गोरखपुर और गोंडा लूपलाइन मे सबसे ज्यादा टिकिट की बिक्री रेल्वे स्टेशन बढ़नी पर होता है यहा से प्रतिदिन सैकड़ों आदमीयों का दिल्ली पंजाब लुधियाना गुजरात जैसे जगह पर आना जाना लगा रहता है ।
उन लोगों को अपनी यात्रा करने में जहां सुविधा होती वही रेलवे की आमदनी में भी बढ़ोतरी होती
शासन और प्रशासन के लोगोंको चाहिए कि गोरखपुर और गोंडा के बीच चलने वाली तमाम गाड़ियों का स्टॉपेज बढ़नी में किया जाना भारत और नेपाल के हित में है।
हमसफर के चलने से यहां के लोगो के साथ-साथ साथ हमारे पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के निवासी भी इन ट्रेनों से यात्रा कर सके।