कड़ाके की ठंड में वाटर कैनन का इस्तेमाल ऊपर से बीपीएससी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज.. क्या नीतीश कुमार की संवेदना मर चुकी..?

महेंद्र कुमार गौतम

बिहार में री एग्जाम को लेकर जारी दो हफ्तों से बीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन पूरा देश देख रहा है जिस से बिहार की सियासत में बीपीएससी छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद उबाल आ गया है.

जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की एंट्री और फिर पीछे हट जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि पूर्णियां के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की एंट्री हो गई.

खान सर और रहमान सर शुरुआत में छात्रों का साथ दिया. लेकिन, बाद उन लोगों ने भी हाथ पीछे खींच लिया.

छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद अब राजनीतिक दलों के नेताराजनीति करने लगे हैं. पूरा विपक्ष नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टियां बीपीएससी मामले में नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ी कर रही है.

बिहार के नए डीजीपी विनय कुमार क्यों चर्चा में?इस बीच बिहार पुलिस की कार्रवाई से आंदोलन कर रहे छात्रों के परिजन और आम जनता में नाराजगी है. लोग बिहार के नए डीजीपी विनय कुमार से सवाल पूछ रहे हैं.

विनय कुमार को करीब से जानने वाले भी कहने लगे हैं कि यह तो बेहद संवेदनशील और दयावान पुलिस अधिकारी हैं. दयावान और संवेदनशील अधिकारी छात्रों को लेकर निर्दयी कैसे बन गए?

ठंड के मौसम में छात्रों पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज क्यों करवाया गया? क्या डीजीपी पर छात्रों को पटना से हटाने का दवाब था?