लोहिया के विचारों से ही समाजवाद की तरक्की संभव: रामकरन निर्मल

डॉ. राम मनोहर लोहिया: विचारों की मशाल और समाजवाद के शिल्पकार थे – जमील सिद्दीकी 

“डॉ. राम मनोहर लोहिया केवल एक नाम नहीं, बल्कि विचारों की वह ज्योति हैं, जिसने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी। उनका समाजवाद केवल आर्थिक समानता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता और स्वाभिमान का एक सशक्त आंदोलन था। उन्होंने सत्ता के केंद्रीकरण का विरोध किया और गांवों से लेकर संसद तक आम आदमी की आवाज बुलंद की।

आज उनकी 115वीं जयंती पर हमें याद रखना चाहिए कि लोहिया जी का समाजवाद सिर्फ नारेबाज़ी नहीं, बल्कि एक ज़मीनी हक़ीक़त थी—एक ऐसा विचार, जो हर शोषित, वंचित और दमित वर्ग को उसका हक़ दिलाने के लिए संघर्षरत रहा। उन्होंने हमेशा कहा कि ‘ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं’, और यह संदेश आज भी प्रासंगिक है।

Nizam Ansari 

सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में समाजवादी चिंतक एवं विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 115वीं जयंती और शहीद भगत सिंह की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि समाजवाद की असली ताकत समानता और न्याय में निहित है। डॉ. लोहिया ने शोषितों, वंचितों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का जो सपना देखा था, उसे पूरा करने के लिए हमें उनके विचारों का अनुसरण करना होगा।

उन्होंने कहा, “आज देश में हिंदू-मुस्लिम संघर्ष नहीं, बल्कि कट्टर हिंदूवाद और समाजवाद के बीच टकराव है। भाजपा सरकार समाजवादी मूल्यों को कुचलने का प्रयास कर रही है, लेकिन हम इसे कामयाब नहीं होने देंगे।”

उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, सरकारी नौकरियों के निजीकरण और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार को पूंजीपतियों की समर्थक और आमजन विरोधी करार दिया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें और 2027 में अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएं।

भाजपा एक झूठी कंपनी की सरकार : सैयदा खातून

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार झूठ और छल की बुनियाद पर टिकी है। उन्होंने कहा, “महंगाई चरम पर है, महिलाएं असुरक्षित हैं, किसान परेशान हैं, नौजवान बेरोजगार हैं, लेकिन भाजपा सरकार अपने पूंजीपति दोस्तों को बढ़ावा देने में व्यस्त है।”

उन्होंने लोहिया के विचारों को मौजूदा समय में बेहद प्रासंगिक बताते हुए कहा कि समाजवाद ही एकमात्र रास्ता है जिससे जनता को उनके अधिकार मिल सकते हैं।

लोहिया ने आवाम के लिए असंख्य यातनाएं सही : माता प्रसाद पांडेय

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि डॉ. लोहिया सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। उन्होंने पिछड़ी जातियों और समाज के वंचित वर्गों को आगे लाने के लिए संघर्ष किया। उनकी सोच को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने साकार किया और समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाई।

उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज समाजवादी नीतियों को भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से खत्म कर रही है। गरीबों को मिलने वाली योजनाओं पर रोक लगाई जा रही है। हमें लोहिया के विचारों को घर-घर तक पहुंचाना होगा।

किसानों, नौजवानों के चेहरे से मुस्कान छीन ली गई : आलोक तिवारी

पूर्व राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी ने कहा कि डॉ. लोहिया ने दुनिया भर में व्याप्त रंगभेद, असमानता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने नेपाल, शिकागो और पुर्तगाल में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष किया था।

उन्होंने योगी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, आज उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल है। फर्जी मुठभेड़ों में युवाओं को मारा जा रहा है। किसानों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने जनता की मुस्कान छीन ली है।

महिलाओं को सती-सावित्री नहीं, द्रौपदी बनना होगा” : अमरेंद्र आर्या

संतकबीरनगर के युवासमाजवादी नेता अमरेंद्र आर्या ने अपने जोशीले भाषण में कहा कि अब महिलाओं को सिर्फ सहनशीलता का प्रतीक नहीं बनना चाहिए, बल्कि अत्याचार और अन्याय के खिलाफ द्रौपदी की तरह संघर्ष करना होगा।

उन्होंने कहा, जब वतन ही नहीं रहेगा, तो धर्म किस काम का? हमें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत और समापन

इस अवसर पर विधायक सैयदा खातून, पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी, जिला अध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व विधायक अनिल सिंह, विजय पासवान, पूर्व राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ समाजवादी नेता मंच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत लोहिया कला भवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया और पूर्व सांसद बृजभूषण तिवारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। सपा नेता राकेश ने कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रेरणादायक कविता से की, जिसने पूरे माहौल को समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पित कर दिया।