राप्ती मुख्य नहर का जर्जर एप्रोच बना ग्रामीणों की मुसीबत, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क

रमेश कुमार यादव बढ़नी

सिद्धार्थनगर। राप्ती मुख्य नहर की 108 किमी लंबी संरचना के अंतर्गत आने वाला एप्रोच मार्ग, जो ग्राम डढउल, हसुडी उर्फ गजेहडी, परसोहिया रमवापुर, परसा दीवान और बैरिहवा जैसे लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, वर्तमान में बेहद खराब स्थिति में है। यह एप्रोच इन गांवों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी और विकास खंड बढ़नी तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है।

इसी रास्ते के दोनों तरफ दो बड़े स्कूल भी स्थित है एक तरफ divine विजडम स्कूल है तो दूसरी तरफ बरसाती यादव इण्टर कॉलेज है जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों का आवागमन होता है |

रमेश कुमार, बृजलाल, अजय कुमार, मिथलेश कुमार आदि गांववासियों का कहना है कि बारिश के समय यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों से भर जाता है, जिससे मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस एप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कराए ताकि जनजीवन सामान्य हो सके और लोगों को मूलभूत सुविधाएं आसानी से मिल सकें। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।