इटवा में बिना लाइसेंस चल रहा था निजी अस्पताल, प्रशासन की छापेमारी में बड़ा खुलासा – अस्पताल सील, चार मरीज शिफ्ट
📅 Published on: June 6, 2025
नियमतूल्लाह खान
इटवा, सिद्धार्थनगर।
कस्बे में अवैध रूप से संचालित एक निजी अस्पताल पर बुधवार देर रात प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बड़ा खुलासा किया। अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही पंजीकरण से जुड़े कोई दस्तावेज। इसके बावजूद वहां ऑपरेशन जैसी गंभीर चिकित्सकीय प्रक्रियाएं चल रही थीं। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, वहीं इलाजरत चार मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा में शिफ्ट कराया गया।
एसडीएम कुणाल के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी में चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आईं। अस्पताल के बरामदे में एक मरीज को खुलेआम ड्रिप चढ़ाई जा रही थी, वहीं अंदर तीन मरीजों का हर्निया ऑपरेशन किया गया था। एक अन्य मरीज का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। जांच के दौरान अस्पताल में डॉक्टर तो दूर, जरूरी स्टाफ भी नहीं मिला और न ही लाइसेंस या पंजीकरण से संबंधित कोई कागजात प्रस्तुत किए जा सके।
एसडीएम कुणाल ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा मानकों का घोर उल्लंघन किया जा रहा था। मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए बिना किसी अधिकृत अनुमति के ऑपरेशन किए जा रहे थे। ऐसे में जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा और स्वास्थ्य नियमों के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी के दौरान जांच टीम में सीएचसी इटवा से डॉ. संतोष राय, बीसीपीएम शिवशंकर वरुण, क्षेत्राधिकारी शुभेंदु सिंह और थाना प्रभारी श्याम सुंदर तिवारी भी मौजूद रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अब अन्य निजी अस्पतालों की गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।


