सिद्धार्थ नगर में इलाज के पैसे न जुटने से किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान, गरीबी ने फिर छीना एक सपना

किडनी में पथरी के कारण हो रहा था असहनीय दर्द

आर्थिक तंगी ने छीन ली मासूम की जिंदगी

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़। विश्व की पांचवीं आर्थिक शक्ति बनने और देशभर चलाए जा रहे आयुष्मान भारत जैसे फ्री इलाज की व्यवस्था के बावजूद बीमारी के कारण इलाज का पैसा नहीं होने से एक मौत हो जाती है तो सवाल उठने लगता है कि क्या देश के विकास की रोशनी आम जनता तक क्यों नहीं पहुंच रही है?

गरीबी और इलाज का खर्च न जुटा पाने की लाचारी एक किशोरी की जिंदगी पर भारी पड़ गई। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डोहरिया बुजुर्ग में 15 वर्षीय किशोरी जानकी ने शनिवार शाम आम के बाग में पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बताया गया कि जानकी की किडनी में पथरी थी।

डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसके पिता इलाज का खर्च नहीं जुटा सके। लगातार बढ़ते दर्द से परेशान जानकी ने मौत को गले लगा लिया।

जानकारी के मुताबिक, डोहरिया बुजुर्ग निवासी सीताराम मल्लाह बेहद गरीब हैं। उनकी बेटी जानकी कई दिनों से पेट में असहनीय दर्द झेल रही थी। जांच में उसकी किडनी में पथरी पाई गई। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी, मगर आर्थिक हालात इतने खराब थे कि पिता पैसों का इंतजाम नहीं कर पाए। दर्द से बेहाल जानकी शनिवार शाम गांव के आम के बाग में चली गई और पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।

जानकी का शव लटका देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।