📅 Published on: August 4, 2025
गुरु जी की कलम से
बढ़नी सिद्धार्थनगर
विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के पकरहिया चौराहे पर यूरिया की कालाबाजारी को लेकर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कृषि विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए। किसानों का आरोप है कि यूरिया की भारी किल्लत के बीच एक दुकान पर 500 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद खुलेआम बेचा जा रहा है, जबकि निर्धारित मूल्य मात्र 266.50 रुपये है।
रविवार को बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनों गांवों से आए किसान और ग्रामीण जब दुकान पर पहुंचे, तो वहां भारी संख्या में खाद की बोरियां मौजूद मिलीं। इस पर किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कृषि अधिकारी को मौके पर बुलाया और उन्हें घेर लिया।
ग्रामीण बृजमोहन, त्रिभुवन, हनुमान, सुखदेव, श्रीराम आदि ने बताया कि जब किसानों को खेती के लिए यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस समय जानबूझकर कालाबाजारी की जा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि खाद बेचने वाली दुकानें सिर्फ सुबह और देर शाम कुछ समय के लिए खोली जाती हैं ताकि अधिकारी निरीक्षण न कर सकें। यूरिया खाद की कालाबाजारी से परेशान किसान दर-दर भटक रहे हैं और बिचौलिये भारी मुनाफा कमा रहे हैं।
इस पूरे मामले में किसानों ने कृषि विभाग और लाइसेंसधारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए मांग की है कि खाद की बिक्री में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जा रही है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताते चलें कि यूरिया जैसे अहम कृषि संसाधन की किल्लत और कालाबाजारी से किसानों की नाराजगी अब कृषि विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर शिकंजा कसने लगी है। यदि शीघ्र ही उचित कदम न उठाए गए, तो यह मुद्दा और विकराल रूप ले सकता है।