📅 Published on: September 5, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर, यूपी: पूरे इस्लाम जगत के साथ-साथ, आज सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज में भी ईद मिलादुन्नबी का जश्न बड़े जोश और धूमधाम से मनाया गया। पैगंबर मुहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैदाइश के 1500 साल पूरे होने की खुशी में, मरकजी कमेटी की अगुवाई में एक विशाल जुलूस निकाला गया। इसे पूर्वांचल का सबसे बड़ा और हिंदुस्तान का तीसरा सबसे बड़ा जुलूस माना जाता है।
इंसानी सिरों का सैलाब
इस जुलूस में इलाके के लाखों मुसलमानों ने हिस्सा लिया। जहां तक नजर जाए, सिर्फ इंसानों का सैलाब दिखाई दे रहा था। जुलूस में सैकड़ों गाड़ियां शामिल थीं, और लोग करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर धार्मिक नारे लगाते हुए चल रहे थे।
भाईचारे का पैगाम
जुलूस के दौरान, लोगों के लिए जगह-जगह पानी और खाने-पीने का इंतजाम किया गया था। डुमरियागंज से लेकर बेवा चौराहा तक, लोगों ने मेहमानों के इस्तकबाल के लिए स्वागत द्वार (इस्तकबालिया गेट) बनाए थे। यह जुलूस सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक भी बना।
पैगंबर के उपदेशों पर तकरीर
इस मौके पर, दारुल उलूम गरीब नवाज के मौलाना मकसूद अकरम ने लोगों को पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शिक्षाओं और उपदेशों के बारे में बताया। उन्होंने पैगंबर के दिखाए रास्ते पर चलने और उनके अमन-शांति के पैगाम को आगे बढ़ाने की अपील की।