आदर्श नगर पंचायत बढ़नी और शोहरतगढ़ में बड़े उत्साह के साथ निकला ‘जुलूस-ए-मुहम्मदी’
📅 Published on: September 5, 2025
nizam ansari
शोहरतगढ़, (सिद्धार्थनगर): आज, इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 12 रबीउल अव्वल के मुबारक मौके पर, आदर्श नगर पंचायत शोहरतगढ़ में जुलूस-ए-मुहम्मदी बड़े ही धूमधाम और शान-शौकत के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सीओ और एसडीएम पुलिस बल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे।
जुलूस के दौरान, जामा मस्जिद के इमाम ने इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद साहब के उपदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने पूरी दुनिया को अमन और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों को माता-पिता का सम्मान करने, पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार करने, वतन की हिफाजत के लिए कुर्बान होने, और अल्लाह से डरकर सच के साथ रहने का उपदेश दिया।
उन्होंने पैगंबर साहब द्वारा सिखाए गए न्याय और सम्मान के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैगंबर ने लोगों को इंसाफ करना सिखाया और माता-पिता के साथ-साथ बहन-बेटियों की इज्जत करने का महत्व भी बताया।
मौलाना रज़िउल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद के आगमन से पहले के समाज की एक दुखद प्रथा का जिक्र किया, जब बेटियों को पैदा होते ही जिंदा दफना दिया जाता था। उन्होंने बताया कि नबी ने इस क्रूर परंपरा पर रोक लगाकर बेटियों को एक नई जिंदगी दी।
यह जुलूस मुस्लिम मुसाफिर खाना से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए मदरसा नूरुललतीफ पर समाप्त हुआ। जुलूस का संचालन जामा मस्जिद के सदर अलताफ हुसैन , उस्ताद इंसान अली, मो असलम , नवाब खान, इज़हार खान ने किया।
इस जुलूस में मशहूर सर्जन डॉ. सरफराज अंसारी, डॉ. शादाब अंसारी, इंजीनियर एजाज अंसारी, रवि अग्रवाल, अभय सिंह सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसी तरह, तुल्सियापुर , चिल्हिया, खड़कुइय्याँ , गोल्हौरा, परसोहिया ,भदवां, परसौना और बगुलहवा जैसे आसपास के क्षेत्रों में भी दोपहर 12 बजे तक जुलूस-ए-मुहम्मदी का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हो गया।
बढ़नी नगर में आज जुलूस-ए-मोहम्मदी बड़े ही शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में निकाला गया। जुलूस में भारी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर नबी-ए-पाक की शान में नात व सलाम पेश किया।
मुख्य मार्गों से होते हुए जुलूस का समापन निर्धारित स्थल पर हुआ। जगह-जगह अकीदतमंदों का स्वागत किया गया और लंगर व शरबत का वितरण हुआ।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे, जिससे पूरा आयोजन सकुशल संपन्न हुआ। जुलूस-ए-मोहम्मदी ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।


