​तहसीलदार की पत्नी का तहसील परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, दूसरी शादी और उत्पीड़न का आरोप; DM ने दिए जांच के आदेश

Zunaid Faisal

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश:

​सिद्धार्थनगर जिले की सदर तहसील में मंगलवार को उस समय हँगामा हो गया जब तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी की पत्नी, बबिता त्रिपाठी, अपने बेटे और ‘मुँहबोली बहन’ के साथ तहसील परिसर पहुँच गईं। बबिता त्रिपाठी ने अपने पति तहसीलदार पर उत्पीड़न, मारपीट और दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें और उनके बच्चों को न्याय नहीं मिला, तो वह डीएम ऑफिस के सामने आत्मदाह कर लेंगी।

​पत्नी के प्रमुख आरोप

दूसरी शादी और भरण-पोषण से इनकार: बबिता त्रिपाठी का आरोप है कि उनके पति, तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने दूसरी शादी कर ली है। इसी वजह से वह पिछले 2 साल से न तो उन्हें घर खर्च के लिए पैसे दे रहे हैं और न ही बच्चों का खर्च उठा रहे हैं।

मारपीट और हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार के इशारे पर उनके अर्दलियों ने उन्हें और उनकी ‘मुँहबोली बहन’ को धक्का दिया और मारपीट की, जिससे उनकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं। यहाँ तक कि उनकी बहन की कार का शीशा भी तोड़ दिया गया।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप: बबिता त्रिपाठी ने बताया कि वह इस मामले की शिकायत पहले ही सदर थाना पुलिस में कर चुकी हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रही है।

​तहसीलदार और उनकी माँ का पक्ष

​तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि उनकी पत्नी मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे उनके पास आई थीं और उसके बाद चली गईं। बाद में उन्हें सूचना मिली कि वह उनके घर पर भी गई थीं और उनकी माँ के साथ मारपीट करने लगी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि जब उनकी पोस्टिंग संभल में थी, तब उनकी पत्नी ने ही माँ की देखभाल के लिए एक महिला को रखा था।

​तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी की माँ ने भी कैमरे के सामने इस बात की पुष्टि की कि बेटे की दूसरी पत्नी है।

​पुलिस और प्रशासन का दखल

​हँगामे की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक दुर्गा प्रसाद मौके पर पहुँचे। उन्होंने बताया कि उन्हें महिला की शिकायत मिल चुकी है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है, तथा सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

डीएम डॉ. राजा गणपति आर. ने मामले को पारिवारिक झगड़ा बताया। उन्होंने कहा कि महिला को फ़ैमिली कोर्ट से राहत मिल सकती है। हालांकि, डीएम ने स्पष्ट किया कि “अगर दूसरी शादी या उत्पीड़न के आरोपों के ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं, तो तहसीलदार के ख़िलाफ़ विभागीय जाँच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

​तहसील परिसर में इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस मामले को शांत कराकर जाँच कर रही है।