📅 Published on: October 28, 2025
जिम्मेदारों की ‘सांठ-गांठ’ के दम पर अवैध कारोबार जारी, छापेमारी बनी सिर्फ ‘खानापूर्ति’
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: जनपद के स्वास्थ्य विभाग में पैथालॉजी सेंटर्स के संचालकों की बड़ी सांठ-गांठ का मामला सामने आया है, जिसके दम पर जिले भर में अवैध पैथालॉजी सेंटर्स का संचालन धड़ल्ले से चल रहा है। विभाग द्वारा नोटिस थमाए जाने के बावजूद इन अवैध केंद्रों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जो जिम्मेदारों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
शोहरतगढ़ में नोटिस के बाद भी जारी रहा अवैध संचालन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सात अक्टूबर को शोहरतगढ़ सीएचसी के सामने संचालित एक पैथालॉजी सेंटर पर छापेमारी की थी।
सेंटर अवैध तरीके से संचालित पाया गया, जिसके बाद जांच को तत्काल बंद कराते हुए संचालक को नोटिस थमाकर जवाब-तलब किया गया था।
लेकिन, संचालक ने जवाब देना तो दूर, विभाग के आदेश को ही नजरअंदाज कर अवैध पैथालॉजी का संचालन जारी रखा है।
बढ़नी में चार अवैध सेंटर मिले, कार्रवाई ‘सन्नाटा’
इसी दिन, सात अक्टूबर को, बढ़नी कस्बे में पीएचसी से सटे एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी छापेमारी की गई थी। संचालक लैब संचालन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका, और मौके पर उसे नोटिस थमाया गया।
इसके अलावा, टीम ने बढ़नी में तीन अन्य सेंटर पर भी छापेमारी की, लेकिन टीम के पहुँचते ही संचालक लैब बंद कर फरार हो गए। टीम ने इन तीनों के लैब पर नोटिस चस्पा कर उन्हें सीएमओ कार्यालय में दस्तावेज के साथ तलब किया था।
इनमें से दो संचालकों ने अपना जवाब सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत किया है, लेकिन ये चारों पैथालॉजी सेंटर बढ़नी में अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं और कार्रवाई के नाम पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।
लापरवाही से फल-फूल रहा अवैध कारोबार
दरअसल, जिले में बड़ी संख्या में निजी अस्पताल, पैथालॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर्स जिम्मेदारों की मिलीभगत से अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इसी कारण इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही छापेमारी सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई है, जिससे जिम्मेदार अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहे हैं।
छापेमारी टीम का ब्यौरा
नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार और पटल सहायक महेंद्र कुमार ने सात अक्टूबर की शाम 4.50 बजे शोहरतगढ़ में यह कार्रवाई की थी। शोहरतगढ़ में मौके पर एक व्यक्ति लैब में जांच करते पाया गया, जिसने बताया कि उसने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
वहीं दूसरी ओर शोहरतगढ़ सीएचसी के सामने अवैध ढंग से संचालित पैथोलॉजी पर एक्शन लेने के लिए सोमवार को टीम पहुंची, लेकिन पड़ोसियों द्वारा गुमराह कर देने के बाद बैरंग लौट गई। नोडल अधिकारी व तहसीलदार पैथोलॉजी पर कार्रवाई के लिए घंटों चर्चा करते रहे, लेकिन हाथ खाली रहा।
नैदानिक स्थापना (निजी अस्पताल) के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि सीएचसी के सामने पैथोलॉजी व डेंटल क्लीनिक अवैध ढंग से बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। डीएम स्तर से मिले निर्देश के बाद वह पैथोलॉजी व क्लीनिक को सील कर एफआईआर कराने के लिए शोहरतगढ़ आए हैं। मौके पर जाकर देखा गया तो अंदर से बंद मिला है। संचालक फरार है। हालांकि मकान में सिर्फ पैथोलॉजी संचालक ही निवास करता है, ऐसे में सील करने में परेशानी कहां खड़ी हो रही है यह नोडल अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं।