📅 Published on: December 22, 2025
Kapilvastupost
खुनुआ / शोहरतगढ़
भारत-नेपाल सीमा के मुख्य प्रवेश द्वार खुनुआ कस्बे में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से सरकारी जमीन पर जमे अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन का ‘बुलडोजर’ गरजा, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
विकास सुरक्षा और सुगमता: सीमा क्षेत्र में बढ़ती भीड़ और सड़कों के किनारे बढ़ते अवैध निर्माण के कारण आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही थीं। सड़क के दोनों तरफ नाले का निर्माण होना है ।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और यातायात को सुगम बनाने सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।
अवैध निर्माण ध्वस्त: नाके के आसपास बनी सैकड़ों दुकानों के सामने अवैध टिन शेड निर्माणों को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया।
व्यापार और सुरक्षा पर प्रभाव
खुनुआ बॉर्डर न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है। प्रशासन का कहना है कि सीमा के जीरो पॉइंट के पास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटने से अब मालवाहक ट्रकों और पर्यटकों के वाहनों को आने-जाने में आसानी होगी।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। लगभग चार साल पहले ही स्थाई निर्माण को हटाया गया था इसके बावजूद अ स्थाई निर्माण कब्जा न हटाने पर नाला निर्माण के कारण विवश होकर यह कार्रवाई करनी पड़ी। आने वाले दिनों में भी इस तरह का अभियान जारी रहने के संकेत मिले हैं।
इस कार्रवाई के बाद सीमा पर सड़कों की चौड़ाई बढ़ गई है, जिससे ‘नो मैन्स लैंड’ के पास निगरानी रखने में भी सुरक्षा बलों सहित पर्यटकों, आम नागरिकों और कमर्शियल गाड़ियों के आवागमन को मदद मिलेगी।
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