राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर शिक्षा की अलख, दर्जनों विभूतियां सम्मानित

गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। देश की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारिका राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले की जयंती ढेबरुआ चौराहा पर धूमधाम से मनाई गई। ‘राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले सामाजिक चेतना मंच’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दर्जनों लोगों को सम्मानित किया।

महापुरुषों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत

सावित्रीबाई फुले, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा बुद्ध और ज्योतिबा फुले के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने महापुरुषों के बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।

शिक्षित समाज ही अधिकारों की रक्षा कर सकता है: अनुराधा भारती

मुख्य अतिथि शिक्षिका अनुराधा भारती ने अपने संबोधन में कहा सावित्रीबाई फुले ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। आज समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए शिक्षित होना अनिवार्य है।
उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बेटियों का आत्मनिर्भर होना देश और राष्ट्र की सेवा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सावित्रीबाई फुले द्वारा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध किए गए संघर्षों को भी याद किया।

इन हस्तियों का हुआ सम्मान

शिक्षा और समाज सेवा में बेहतर योगदान के लिए मंच द्वारा कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
सेवानिवृत्त शिक्षक: कन्हैयालाल, सूर्य बलि, रामदास, लोहर राम आर्य।
शिक्षक/समाजसेवी: जय प्रकाश विश्वकर्मा, मुस्तन शेरुल्लाह, सोनी बहन जी, पृथ्वी पाल भारती।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर नगर पंचायत चेयरमैन सुनील अग्रहरि, चेतना मंच के अध्यक्ष शत्रुघ्न, डॉ. मनोज, आशीष संगम, डॉ. रीतु गौतम, सुरेश, भीम प्रकाश, जगदीश, सुभाष, रामसूरत यादव, चंद्रिका, समर पॉल, राजन, दिनेश सिंह, जुग्गी राम राही, अमन सिंह और चंद्र प्रकाश सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।