📅 Published on: February 7, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में शुक्रवार को कानून-व्यवस्था की पोल खुल गई। सिद्धार्थ चौराहे पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई हिंसक झड़प ने शहर को दहला कर रख दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के कारण न केवल बाजार बंद हो गए, बल्कि सड़कों पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम जनता के बीच दहशत का माहौल बना रहा।
पुरानी रंजिश और पुलिस की लापरवाही
यह विवाद अचानक नहीं सुलगा। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में 24 से 31 जनवरी तक आयोजित ‘एकाया महोत्सव’ के दौरान कुछ छात्रों ने एक ज्वेलरी और बेकरी व्यवसायी के दो कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी। व्यवसायी पंकज वर्मा का आरोप है कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया।
शुक्रवार को जब व्यापारियों ने पूर्व की घटना में शामिल एक छात्र को पहचान लिया, तो बहस शुरू हुई जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया।
रणक्षेत्र में बदला सिद्धार्थ चौराहा
घटनास्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस पिकेट तैनात होने के बावजूद उपद्रवियों के हौसले बुलंद थे। मेडिकल कॉलेज से दर्जनों की संख्या में छात्र शहर पहुंच गए और व्यापारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। व्यापारियों के समर्थन में भी उनके परिचित जुट गए, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर पुलिस ने शुरुआती शिकायतों पर कार्रवाई की होती, तो आज यह बवाल नहीं होता।